फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन साल तक नहीं बढ़ेगा हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम

Tue, 19 Nov 2013 12:41 PM IST
प्रशांत श्रीवास्तव/अमर उजाला
विज्ञापन
विज्ञापन
एक बार हेल्थ इंश्योरेंस कराने के बाद अब आपको तीन साल तक उसका प्रीमियम बढ़ने का डर नहीं रहेगा। भले ही इस दौरान आपने इलाज के लिए बीमा क्लेम भी क्यों न लिया हो।
विज्ञापन


बीमा कंपनियां इरडा के नए नियमन लागू के बाद ऐसा नहीं कर सकती हैं। इसके अलावा यदि आपने 1 अक्तूबर से पहले बीमा लिया हुआ है, तो रिन्यूअल के समय या नई कंपनी से हेल्थ इंश्योरेंस कराने पर आप को भी नए नियमों का फायदा मिल सकेगा। पुराने नियमों के तहत कंपनियों को रिन्यूअल के समय प्रीमियम में बदलाव करने का अधिकार था।

प्याज-आलू की कीमतों में गिरावट शुरू

बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) द्वारा लागू हेल्थ इंश्योरेंस के नए नियमों के आधार पर अब कंपनियां अपने बीमा प्रोडक्ट को रीलांच कर रही हैं। इससे ग्राहकों के लिए क्लेम लेना आसान हो जाएगा।
विज्ञापन


बजाज आलियांज जनरल इंश्योरेंस की एवीपी (हेल्थ इंश्योरेंस) डा. रेणुका कानविंदे के अनुसार नए हेल्थ रेगुलेशन के तहत बीमा धारक के प्रीमियम में शुरू के तीन साल में किसी तरह की बढ़ोतरी कंपनियां नहीं कर सकेंगी।

पीएफ जमा राशि पर मिलेगा ज्यादा ब्याज!

साथ ही बीमाधारक जीवन भर अपनी पॉलिसी को रिन्यू करा सकेंगे। यहीं नहीं, बीमा कंपनियां ग्राहक द्वारा इलाज के लिए बीमा क्लेम लेने के बावजूद, ग्राहक से ज्यादा प्रीमियम नहीं ले सकेंगी।

पुराने नियमों के तहत कंपनियों के पास इस बात का मौका था कि वह ग्राहक के क्लेम रिकॉर्ड को देखते हुए रिन्यूअल या फिर नया बीमा करते वक्त उससे सामान्य ग्राहक की तुलना में ज्यादा प्रीमियम ले सकें।

सैलरी कम होने से घ्ाट गई लोगों की बचत

भारती अक्सा जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के सीईओ अमरनाथ अनंतनारायण के अनुसार नए नियमों के तहत कंपनियां पहले तीन साल तक हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम में बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगी। कंपनियां बीमा करते वक्त ग्राहक से प्रीमियम की जो राशि तय करेंगी, उसमें तीन साल तक कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।

एक्सिस बैंक पर हो सकता है विदेशी कब्जा!

इरडा ने लागू की गंभीर बीमारियों की सूची
हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर के लिए बीमा नियामक इरडा ने 1 अक्तूबर से जो नए नियम लागू किए हैं, उसमें उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए गंभीर बीमारियों के लिए एक सूची बना दी गई है। अस्पतालों के लिए भी शहर की आबादी के मुताबिक बेड की संख्या निर्धारित कर दी है।

ये देश के 10 सबसे बड़े दानवीर

साथ ही क्लेम प्रक्रिया आसान करने के लिए क्लेम फार्म का मानकीकरण किया है। सभी कंपनियों को इन मानकों के आधार पर ही हेल्थ उत्पाद ग्राहकों को देना होगा। ऐसे में ग्राहकों के लिए बीमा कराना और क्लेम लेना, दोनों अब आसान होगा।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें