चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से अक्टूबर तक शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 14.63 प्रतिशत बढ़कर दो लाख 50 हजार 866 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की आलोच्य अवधि में यह राशि दो लाख 18 हजार 850 करोड़ रुपये रही थी। वित्त मंत्रालय के अनुसार अप्रैल-अक्तूबर 2012 के दौरान कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह तीन लाख दो हजार 810 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 2011-12 की समान अवधि में दो लाख 84 हजार 81 करोड़ रुपये की तुलना में 6.59 प्रतिशत अधिक है।
मंत्रालय के अनुसार इस अवधि में कारपोरेट कर संग्रह 2.01 प्रतिशत बढ़कर एक लाख 93 हजार 679 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह राशि एक लाख 89 हजार 872 करोड़ रुपये रही थी। अप्रैल-अक्टूबर 2012 के दौरान कुल व्यक्तिगत आयकर कर संग्रह 15.78 प्रतिशत बढ़कर एक लाख आठ हजार 569 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि वित्त वर्ष 2011-12 की आलोच्य अवधि में यह राशि 93 हजार 769 करोड़ रुपये रही थी।
कुल संपत्ति कर संग्रह 25.84 प्रतिशत बढ़कर 526 करोड़ रुपये पर पहुंच गया जबकि अप्रैल-अक्टूबर 2011 में यह राशि 418 करोड़ रुपये रही थी। प्रतिभूति लेनदेन कर संग्रह में गिरावट का रुख कायम है और इस अवधि में यह 15.42 प्रतिशत घटकर 2502 करोड़ रुपये पर आ गया जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2958 करोड़ रुपये रहा था।