चीन के शेयर बाजार में मचे कोहराम ने भारत के शेयर बाजार को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है और सेंसेक्स 483.97 अंक गिर कर 27,687.72 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी भी 147.75 अंक की गिरावट के साथ 8,363.05 पर बंद हुआ।
चीन के शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। चीन की सरकार द्वारा निवेशकों को आश्वस्त करने के बावजूद भारतीय बाजार को झटका लगा है और बाजार में कारोबारी सत्र की शुरुआत से ही गिरावट दर्ज की गई।
ग्रीस के यूरोजोन से बाहर जाने से जुड़ी चिंताओं के कारण कारोबारी धारणा कमजोर हुई और इसका असर बुधवार को भी चीन के बाजार पर देखने को मिला। शंघाई कंपोजिट इंडेक्स बुधवार को कारोबार की शुरुआत में 8 फीसदी की गिरावट के साथ खुला।
भारत पर भी पड़ा असर
मंगलवार तक पिछले एक माह में इंडेक्स में 30 फीसदी तक गिरावट आ चुकी है।
विभिन्न अनुमानों के अनुसार एक माह में लगभग 3 खरब डॉलर की बाजार कीमत घटी
है। बुधवार की गिरावट के साथ आधे से ज्यादा सूचीबद्ध शेयर कारोबार बंद कर
चुके हैं।
भारत में बीएसई सेंसेक्स 484 अंकों की गिरावट के साथ
27,667.72 अंक पर और निफ्टी 147.75 अंकों की गिरावट के साथ 8,363.05 अंक पर
बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सूचकांक 1.47 फीसदी 50 शेयरों वाला निफ्टी
सूचकांक 1.5 फीसदी तक गिरा।
यस बैंक के शेयर में 5.9 फीसदी जबकि बैंक ऑफ
बड़ौदा के शयरों में 1.7 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। टाटा स्टील की शेयर
कीमतों में 3.9 फीसदी जबकि हिंडाल्को इंडस्ट्रीज की शेयर कीमतों में 4.7
फीसदी की गिरावट रही।
निकट में भी पड़ेगा असर
वहीं चीन में आर्थिक सुस्ती से जगुआर लैंडरोवर की
बिक्री प्रभावित होने की आशंका में टाटा मोटर्स के शेयरों में भी 5.6 फीसदी
तक गिरावट आई। हालांकि कच्चे तेल की कीमतें कमजोर होने से तेल का इस्तेमाल
करने वाले जेट एयरवेज के शेयरो में 2.5 फीसदी और इंडियन ऑयल कार्प के
शेयरों में 1.8 फीसदी की मजबूती आई।
विशेषज्ञों का कहना है कि बाहर से आने
वाली खबरे निकट भविष्य में हमारे बाजारों को प्रभावित करती रहेंगी। उनका
मानना है कि बाजार एनएसई इंडेक्स के मोर्चे पर 8,200-8,300 से थोड़ा नीचे
रह सकता है।
बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक सोने के भाव गिर कर तीन
माह के निचले स्तर पर आने का असर भी शेयर बाजार पर पड़ा। बुधवार को सोने
की कीमतों में 330 रुपये और चांदी में 1550 रुपये की भारी गिरावट दर्ज की
गई। वैश्विक संकेतों के कारण ज्वेलर्स की ओर से मांग कम होने का असर सोने
चांदी की कीमतों पर पड़ा।