त्योहारी सीजन के दौरान प्याज की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार
प्याज को लेकर सतर्क हो गई है। विदेशों से प्याज के आयात की शर्तों और
जुर्माने में नवंबर तक छूट देने का फैसला किया गया है। इससे प्याज की आवक
बढऩे की उम्मीद है।
मोदी सरकार ने इस साल प्याज की महंगाई काबू में रखने के लिए कमर कस ली है। केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा है कि सरकार त्योहारों के दौरान प्याज के दाम 80-100 रुपये किलो तक नहीं बढऩे देगी। प्याज की महंगाई रोकने के लिए सरकार पूरे प्रयास कर रही है। जिसकेचलते अभी तक प्याज के दाम अभी तक काबू में रहे हैं।
डेयरी क्षेत्र की चुनौतियों पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सम्मेलन के दौरान कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने प्याज की महंगाई न बढऩे देने का भरोसा जताया।
फिलहाल देश के अधिकांश शहरों में प्याज के दाम 25-35 रुपये किलोग्राम के बीच हैं। जून में प्याज की कीमतों में उछाल के बाद हरकत में आई केंद्र सरकार ने निर्यात पर अंकुश लगाकर कीमतों को काफी हद तक काबू में रखा है।
इस साल कमजोर मानसून और कई क्षेत्रों में बाढ़ से प्याज की फसल खराब हुई है। इसके बावजूद पिछले साल की तरह इस साल प्याज के दाम आसमान छूने से रोकने में केंद्र सरकार कामयाब रही है।
त्योहारी सीजन के दौरान प्याज की बढ़ती मांग को देखते हुए केंद्र सरकार प्याज को लेकर सतर्क हो गई है। विदेशों से प्याज के आयात की शर्तों और जुर्माने में नवंबर तक छूट देने का फैसला किया गया है। इससे प्याज की आवक बढऩे की उम्मीद है।
गुजरात मॉडल पर कृषि आय बीमा योजना
किसानों को आमदनी की गारंटी देने के लिए कृषि मंत्रालय की ओर से लाई जा रही कृषि आय बीमा योजना गुजरात की तर्ज पर बनेगी। फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से दो तरह की कृषि बीमा योजनाएं चलाई जा रही हैं।
नई योजना के प्रारूप को लेकर कृषि मंत्रालय ने राज्यों से भी सुझाव मांगे हैं। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि गुजरात ने किसानों की आय आधारित कृषि बीमा योजना का सुझाव दिया है। जिस पर गंभीरता से विचार चल रहा है। नई योजना गुजरात मॉडल पर आधारित होने के पूरे आसार हैं।