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अब डाकघर की बचत योजनाओं में मिलेगा कम ब्याज

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सरकार ने डाकघर की छोटी बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दर में चौथाई फीसदी की कटौती कर दी है। अब डाकघरों में एक, दो और तीन साल की टर्म डिपोजिट योजनाओं, किसान विकास पत्र और पांच साल की आवर्ती (रेकरिंग) जमा योजना में 0.25 फीसदी कम ब्याज मिलेगा।
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अभी तक अन्य सरकारी प्रतिभूतियों की तुलना में डाकघर में चल रही इन योजनाओं पर 0.25 फीसदी अधिक ब्याज मिलता था। हालांकि मासिक आय योजना (एमआईएस), पीपीएफ, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और बेटियों के लिए चलाई जाने वाली लंबी अवधि की बचत योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरें जस की तस हैं।

वित्त मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है सरकार ने डाकघरों से चलने वाली इन योजनाओं की ब्याज दरों को अन्य सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरों के बराबर करने के लिए यह फैसला किया है।
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एक अप्रैल से हर तिमाही होगा ब्‍याज दरों में बदलाव

सरकार की ओर से डाकघरों की छोटी बचत योजनाओं पर अन्य सराकारी प्रतिभूतियों की तुलना में दिया जाने वाला ज्यादा ब्याज 1 अप्रैल, 2016 से खत्म हो जाएगा। इस तरह आगे की ब्याज दरें हर तिमाही में संशोधित हो जाएंगी।

सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और मासिक आय योजना (एमआईएस) पर सरकारी प्रतिभूतियों से क्रमश: 0.75, 1.00 और 0.25 फीसदी अधिक ब्याज मिलता है। लेकिन इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई कटौती नहीं की गई है। इसी तरह पीपीएफ, पंचवर्षीय टर्म डिपोजिट और इसी अवधि के नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट पर मिलने वाला मौजूदा ब्याज भी बरकरार है।

इस वक्त सुकन्या समृद्धि योजना पर सालाना 9.2 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है, जबकि मासिक आय योजना पर 8.4 फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है। पीपीएफ पर 8.7 की दर से ब्याज मिलता है। 
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