मोदी सरकार ने मल्टीब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर अपना रुख साफ कर दिया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनी निर्मला सीतारमण ने विदेशी कंपनियों को देश में मेगा स्टोर खोलने की छूट नहीं देने का संकेत दिया है।
मंगलवार को मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई को लेकर भाजपा का रुख बिलकुल स्पष्ट है।
फिलहाल इस क्षेत्र में एफडीआई का रास्ता खोलना बेहतर नहीं है। हमारे छोटे व मझोले व्यापारी और किसान इतने सशक्त नहीं हैं, कि मल्टीब्रांड रिटेल में एफडीआई की छूट दी जाए। इससे उनके हितों को नुकसान पहुंच सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि मल्टीब्रांड रिटेल के अलावा जिन क्षेत्रों में रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए विदेशी पूंजी की आवश्यकता है, वहां एफडीआई की छूट दी जाएगी।
'रोजगार का केंद्र होगा टेक्सटाइल'
बरेली से भाजपा सांसद संतोष कुमार गंगवार ने कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर कार्यभार ग्रहण करते हुए कहा कि टेक्सटाइल और दस्तकारी से जुड़े क्षेत्र में रोजगार पैदा करने की भरपूर संभावना है।
लेकिन इसके लिए कुछ बुनियादी सुधार जरूरी हैं। वह जल्द ही इस क्षेत्र के कायाकल्प को रोडमैप पेश करेंगे। खासकर यूपी के मांजा, कालीन और दस्तकारी से जुड़े परंपरागत उद्योग को उबारने के लिए उन्होंने चीन से मुकाबले की क्षमता पैदा करने पर जोर दिया है।
'सड़ने नहीं देंगे अनाज'
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने महंगाई रोकने और भंडारण व्यवस्था सुधारने पर खासतौर पर जोर देने का दावा किया है।
पासवान का कहना है कि गोदामों के अंदर या बाहर अनाज को सड़ने से बचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा। इसके अलावा उपभोक्ता फोरम को प्रभावी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।