चालू वित्तवर्ष में अभी तक किसी भी सरकारी कंपनी के हिस्सेदारी नहीं बेचने के बावजूद सरकार को भरोसा है कि वह 30 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को हासिल कर लेगी। वर्ल्ड इकोनामिक फोरम के दौरान आर्थिक मामले विभाग के सचिव अरविंद मायाराम ने कहा कि हमें भरोसा है कि चालू वित्तवर्ष की समाप्ति तक 30 हजार करोड़ रुपये के विनिवेश लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पीएसयू के इश्यू जल्द ही आ जाएंगे।
आर्थिक मामले विभाग के सचिव का यह बयान सरकार द्वारा नाल्को में 12.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के फैसले के टाले जाने की घोषणा के एक दिन बाद आया है। सरकार ने नाल्को के दूसरी तिमाही के नतीजों को उम्मीद के अनुरूप नहीं बताते हुए उसका ऑफर पर निर्णय टाल दिया।
आरआईएनएल के ऑफर को स्थगित किए जाने के बाद चालू वित्तवर्ष में पब्लिक ऑफर लाने वाली नॉल्को पहली सरकारी कंपनी होगी। स्टील मंत्रालय ने मर्चेंट बैंकरों द्वारा तय आरआईएनएल के बुक वैल्यू को कम बताते हुए उसका ऑफर स्थगित कर दिया। मायाराम ने कहा कि हिस्सेदारी बेचने से पहले कई तरह कदम उठाने की जरूरत होती है और सरकार वह सभी कार्य कर रही है।
इससे पहले बुधवार को वित्तमंत्री ने कहा था कि दिसंबर के अंत तक हिंदुस्तान कॉपर, एनएमडीसी और ऑयल इंडिया में हिस्सेदारी बेचने की योजना है। इनसे सरकार को करीब 12 हजार करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है।