वित्त मंत्रालय इस संबंध में कैबिनेट नोट भी तैयार कर रहा है। जिसके जरिए सरकार बैंक में अपनी हिस्सेदारी 58 फीसदी से घटाकर 52 फीसदी करेगी।
इसके पहले वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों की पूंजी जरूरतों को पूरा करने और उनमें पहले ज्यादा पेशेवर रवैया विकसित करने लिए बैंकों में अपनी हिस्सेदारी 52 फीसदी तक घटाने पर मोटे तौर पर सहमित जता चुकी है।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में सबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक की हिस्सेदारी बेचने की तैयारी है। सरकार जिसे घटाकर 52 फीसदी तक करेगी। सरकारी बैंकों में एसबीआई के बाद पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बैंकों में भी अपनी हिस्सेदारी घटाने की तैयारी में सरकार है। वित्त मंत्रालय के आंकलन के मुताबिक साल 2018 तक बेसल 3 मानकों के आधार पर सरकारी बैंकों को 2.4 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जरूरत है।