सरकार अब नए सिरे से आयोग के चेयरमैैन और सदस्यों की नियुक्ति करेगी। सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार आयोग को 24 जुलाई को भंग कर दिया गया है। मंत्रालय केे अनुसार सरकार इस कदम के जरिए खादी क्षेत्र में नए पेशेवर लोगों को लाना चाहती है। जो कि खादी के विकास में अहम योगदान दे सकें। मोदी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में खास तौर से कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना चाहती है। इसी के मद्देनजर अब आयोग का नए सिरे से गठन होगा। नए आदेश के आने तक आयोग के चेयरमैन देवेंद्र कुमार देसाई थे।