धीमी आर्थिक वृद्धि और चुनावी ड्यूटी के बावजूद केंद्र सरकार ने आयकर सहित प्रत्यक्ष करों के संग्रह का लक्ष्य हासिल कर लिया है। लेकिन उत्पाद शुल्क जैसे अप्रत्यक्ष करों की वसूली लक्ष्य से करीब 17 हजार करोड़ रुपये रही। इस साल आयकर वसूली में करीब 11 फीसदी का इजाफा हुआ है।
सेवा कर संग्रह बढ़ाने में भी सरकार कामयाब रही है। लेकिन प्रत्यक्ष करों का लक्ष्य हासिल करने के लिए आयकर विभाग के अधिकारियों को मार्च के आखिरी में दिन-रात जुटना पड़ा। राजस्व सचिव राजीव टकरू ने अमर उजाला को बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में प्रत्यक्ष करों के संग्रह का लक्ष्य हासिल हो गया है, लेकिन अप्रत्यक्ष करों की वसूली लक्ष्य से थोड़ी कम है।
अप्रत्यक्ष करों का संग्रह 5.20 लाख करोड़ रुपये के संशोधित बजट अनुमान से 17,648 करोड़ रुपये कम है। उधर, सीबीडीटी ने 6.33 लाख करोड़ रुपये की प्रत्यक्ष कर वसूली का लक्ष्य हासिल कर लिया है।