अक्तूबर में देश में150 टन सोने का आयात किया गया, जबकि पिछले साल अक्तूबर के दौरान यह आयात मात्र 25 टन का था। इस साल सितंबर 143 टन सोने का आयात किया गया।
निजी कारोबारी फर्म द्वारा सोने के आयात पर रोक लगाने के मामले पर रिजर्व बैंक और वित्त मंत्रालय की बैठक में विचार किया गया। पिछले दो महीनों में सोने के आयात में भारी उछाल से व्यापार घाटे में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई।
सोने के आयात में इस तेजी के बरकरार रहने पर सरकार को व्यापार घाटे में और बढ़ोतरी की आशंका है। पिछले साल व्यापार घाटे में बढ़ोतरी को रोकने के लिए सरकार ने सोने के आयात पर 10 फीसदी का शुल्क लगा दिया था
और आयातित कुल सोने के 20 फीसदी हिस्से का निर्यात किया जाना जरूरी कर दिया गया था। इस वजह से सोने की तस्करी बढ़ गई और स्थानीय बाजार में कारोबारियों को सोने की उपलब्धता कम हो गई थी।
इस साल के आरंभ में निजी कारोबारी फर्म द्वारा सोने के आयात नियमों में कुछ ढील दी गई थी। हालांकि कारोबारियों का यह भी कहना है कि सरकार निजी फर्म की तरफ से होने वाले सोने के आयात पर रोक लगाने से पहले अगले एक-दो महीने के आयात आंकड़े की समीक्षा करेगी।