सोने की कीमतें साल के अंत तक 31,000 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास बनी रह सकती हैं। वहीं, सोने के आयात पर सरकार की तमाम सख्ती के बावजूद चालू वर्ष में इसकी मांग 860 टन रह सकती है।
एंजल ब्रोकिंग के कमोडिटी हेड नवीन माथुर का कहना है कि कमजोर रुपये और अधिक शुल्क से सोने की आयात लागत ऊंची बनी रह सकती है।
दिसंबर तक सोने के भाव 30,500 से 31,000 रुपये प्रति दस ग्राम के बीच रह सकते हैं। यदि सरकार सोने के आयात पर सख्ती और बढ़ाती है, तो इसका असर सप्लाई पर पड़ेगा और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
वैश्विक परिदृश्य की बात करें, तो अमेरिकी डॉलर में मजबूती और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार की खबरों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में नरमी रहने का अनुमान है।
वैश्विक बाजार में साल के अंत तक सोने का स्तर 1,375-1,400 डॉलर प्रति औंस रह सकता है। माथुर के मुताबिक, देश में इस साल सोने की मांग पिछले साल जितनी ही बने रहने की उम्मीद है।