सोने में आई रिकॉर्ड तेजी को भुनाने के लिए तस्कर और सटोरिए सक्रिय हो गए हैं जबकि सराफा बाजार से खरीदार नदारद हैं। सराफा बाजारों में सोने-चांदी की बिक्री बेहद कम है लेकिन वायदा बाजारों में खूब सौदे हो रहे हैं।
बृहस्पतिवार को स्टाकिस्टों की बिकवाली और रुपया संभलने से सोना 1,575 रुपए टूटकर 32,325 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी भी 2,790 रुपए टूटकर 55,710 रुपए प्रति किलो पर दर्ज की गई।
ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसके जैन ने बताया कि वायदा और सराफा बाजार में भाव में डेढ़ से दो हजार रुपए का अंतर चल रहा है।
तस्करी से जरिए आया सोना बाजार भाव से नीचे बेचा जा रहा है। वायदा बाजार में हो रहे सौदों के मुकाबले वास्तविक खरीद-फरोख्त भी बेहद कम है।
जैन मानते हैं कि सराफा बाजार में बेचने वालों की तादाद बढ़ी है। रुपए और सोने के भाव में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए ज्वैलर्स अभी ग्राहकों से सोना खरीदने के मूड में नहीं हैं।
ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन के क्षेत्रीय अध्यक्ष विजय खन्ना का कहना है कि सरकार चालू खाते पर अंकुश लगाने के नाम पर बेतुकी पाबंदियां लगा रही है, जिससे कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है।
सराफा विशेषज्ञ आलोक अग्रवाल का कहना है कि बाजार में बिक्री अधिक है और खरीदार काफी कम है। ऐसे में कारोबारी ग्राहकों को एमसीएक्स के वायदा भाव के मुकाबले करीब 1,500 रुपए के डिस्काउंट पर माल बेच रहे हैं।
फिर भी खरीदारी में कोई तेजी नहीं दिखाई दे रही है। ज्वैलर्स खाली हाथ बैठे हैं और ग्राहक ऊंचे भाव के चलते खरीदारी से परहेज कर रहे हैं। हालांकि, नवरात्र से त्योहारी सीजन शुरू होते ही खरीदारी में तेजी आने की उम्मीद है।
कई तरह की पाबंदियां लगने के बाद पिछले एक महीने से सोने का आयात तकरीबन बंद है। रुपए को संभालने के लिए सोने पर 10 फीसदी सीमा शुल्क लगने से सोना महंगा हुआ है और तस्करी बढ़ी है।
राजस्व विभाग से जुड़ी खुफिया एजेंसियों का भी मानना है कि हाल के दिनों में सोने की तस्करी काफी बढ़ी है। बाजार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तस्करी का सोना बाजार भाव से दो हजार रुपए कम दाम बेचा जा रहा है।
उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बृहस्पतिवार को सोने-चांदी में गिरावट का रुख रहा है। सीरिया पर अमेरिकी नेतृत्व के हमले की आशंकाएं हल्की पड़ी हैं।
सिंगापुर में सोना 0.9 फीसदी की गिरावट के साथ 1,404 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है।