विदेशी सराफा बाजारों में जोरदार गिरावट के चलते घरेलू बाजार में सोना 505 रुपये लुढ़क कर 10 माह से अधिक के निचले स्तर 29,470 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया।
कमजोर वैश्विक रुझानों से घरेलू स्तर पर स्टॉकिस्टों ने सोने की तगड़ी बिकवाली की। वहीं, औद्योगिक स्तर पर सीमित मांग से चांदी के भाव भी 875 रुपये टूटकर 52,275 रुपये प्रति किलो रह गए।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दोबारा से प्रोत्साहन पैकेज दिए जाने की खबरों से अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में सोने में भारी बिकवाली हुई। न्यूयार्क में सोने के भाव 25.70 डॉलर लुढ़क कर 1,559.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गए। यह पिछले साल 30 मई के बाद का निचला स्तर है।
वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं में तेज गिरावट आने से घरेलू स्तर पर स्टॉकिस्टों ने बिकवाली का रुख इख्तियार किया। इसके अलावा, सीजनल मांग नहीं आने से भी कारोबारी रुझान पूरी तरह सुस्त बना रहा। जानकारों का कहना है कि निवेशकों का रुझान सराफ बाजार के बजाय इक्विटी बाजार में बढ़ने से भी कारोबार सेंटीमेंट कमजोर हो रहा है।
स्थानीय सराफा बाजार में सोने में इस माह दूसरी सबसे बड़ी 505 रुपये प्रति दस ग्राम की गिरावट देखने को मिली। इससे पहले गत 3 अप्रैल को सोने में 500 रुपये प्रति दस ग्राम की गिरावट आई थी।
हालांकि, सराफा बाजार में सोने की आठ ग्राम की गिन्नी 25,100 रुपये प्रति पर टिकी रही। जबकि चांदी सिक्के के भाव में 2,000 रुपये प्रति सैकड़ा की भारी गिरावट रही। चांदी सिक्का लिवाली 79,000 और बिकवाली 80,000 रुपये प्रति सैकड़ा दर्ज किए गए।