कमजोर मांग के बावजूद थोक बाजार में बिकवाली रहने से दिल्ली सराफा बाजार में सोने-चांदी में दोतरफा रुख रहा।
सोने के भाव 200 रुपए गिरकर 30,160 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गए। जबकि, चांदी 120 रुपए की रिकवरी के साथ 45,350 रुपए प्रति किलो पर रही। चांदी में पिछले दो कारोबारी सत्रों में 270 रुपए की गिरावट आई थी।
कारोबारियों का कहना है कि कमजोर मांग रहने के बावजूद थोक बाजार में बिक्री बढ़ने का दबाव सोने की कीमतों पर पड़ा।
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हालांकि, सोने की आठग्रामी गिन्नी 25,100 रुपए प्रति पर स्थिर रही। दूसरी ओर, चांदी पिछली गिरावट से उबरकर बढ़त बनाने में कामयाब रही।
चांदी हाजिर के अलावा साप्ताहिक आपूर्ति वायदा भाव में भी 120 रुपए की तेजी रही और कीमत 45,500 रुपए प्रति किलो पर बोली गई।
चांदी के सिक्कों में स्थिरता रही। चांदी सिक्का लिवाली भाव 85,000 और बिकवाली 86,000 रुपए प्रति सैकड़ा पर टिके रहे।
सोने के आयात पर सख्ती की मांग
चालू खाता घाटा में सुधार आने के बावजूद सोना आयात पर सख्ती मार्च के अंत तक बनी रह सकती है।
आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम का कहना है कि अभी चालू खाता घाटा (सीएडी) नीचे लाने की जरूरत है।
सरकार इसमें बढ़ोतरी वहन नहीं कर सकती है। इसलिए कम से कम चालू वित्तवर्ष में सोने के आयात पर जारी सख्ती में बदलाव नहीं करना चाहिए। इस मसले पर विचार अगले वित्तवर्ष में सीएडी की स्थिति देखने के बाद किया जाना चाहिए।
मायाराम ने एक साक्षात्कार के दौरान बताया कि वित्त मंत्रालय को कई तरह के सुझाव मिले हैं, जिनमें एक सुझाव सोने का आयात बढ़ाना भी है।
हाल ही में वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी कहा था कि सोने के आयात पर कुछ पाबंदियां बनाए रखनी चाहिए।
हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने सोने के आयात पर सख्ती हटाने की वकालत की है। राजन का मानना है कि सोने के आयात पर पाबंदी से उसकी तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है।