इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जीएमआर ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे प्रोजेक्ट के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के साथ हुआ समझौता खत्म करने का ऐलान किया है। इस बाबत कंपनी ने दिसंबर के आखिर में एनएचएआई को टरमिनेशन नोटिस भेजा था।
करीब 555 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट का समझौता टूटना सरकार और एनएचएआई दोनों के लिए बड़ा झटका है। कंपनी के इस रुख को देखते हुए एनएचएआई कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहा है। सोमवार को जीएमआर ने बांबे स्टॉक एक्सचेंज को सूचित किया कि उसकी सहायक कंपनी ने किशनगढ़-उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे को छह लेन करने के लिए एनएचएआई के साथ हुए कनसेशन एग्रीमेंट को खत्म कर दिया है। जीएमआर के प्रवक्ता अरुण भगत ने अमर उजाला को बताया कि कंपनी एनएचएआई की ओर से भेजे गए जवाब से संतुष्ट नहीं है, जिसके देखते हुए यह फैसला किया गया है।
राजमार्ग विकास का प्रोजेक्ट जीएमआर ने पिछले साल हासिल किया था, इससे एनएचएआई को करीब नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की आय होने की उम्मीद थी। लेकिन कंपनी ने वन और पर्यावरण मंजूरी दिलाने में एनएचएआई की नाकामी को मुद्दा बनाते हुए इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच लिया है।