भारत में प्राकृतिक गैस की कीमतें अगले वर्ष 16 फीसदी तक गिर सकती हैं। हालांकि बाद में गैस की कीमतों में धीरे धीरे रिकवरी होगी लेकिन ये कीमतें कम से कम 2020 तक मौजूदा वर्ष की दर हासिल नहीं कर पाएंगी।
पिछले वर्ष अकटूबर में सरकार द्वारा मंजूर किए गए फार्मूले का इस्तेमाल करते हुए प्राकृतिक गैस की कीमत वित्त वर्ष 2016-17 की पहली छमाही में मौजूदा 3.82 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से गिर कर 3.22 प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट पहुंच जाने का अनुमान है।
यह आकलन गैस सलाहकार फर्म डिगोलियर और मैकनॉटन ने किया है।गैस की दरें गैस सरप्लस देशों जैसे अमेरिका, रूस और कनाडा में प्रचलित कीमत का इस्तेमाल करते हुए छह माह के लिए तय की जाती हैं इसके मुताबिक 2016-17 वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में गैस की कीमतें बढ़ कर 3.22 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है। एजेंसी