गरीबों को मुफ्त में घरेलू रसोई गैस कनेक्शन दिलाने की योजना जानकारी के अभाव में दम तोड़ती नजर आ रही है।
आलम यह है कि सरकार ने करीब ढाई साल पहले 70 लाख गरीबों को सरकारी तेल कंपनियों की सहायता से मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की योजना बनाई थी लेकिन अब तक केवल 1 लाख 69 हजार परिवारों को ही इसका लाभ मिल सका है।
योजना के तहत गरीब परिवारों को पहली दफा बिना कोई दाम चुकाए रसोई गैस कनेक्शन के साथ चूल्हा, रेगुलेटर और एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाना था।
यह तय किया गया था कि केंद्र सरकार के साथ तेल कंपनियां अपने सार्वजनिक दायित्व निर्वहन फंड (सीएसआर) से इस योजना के खर्च को बराबर अनुपात में उठाएंगी।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मिलकर अपने सीएसआर फंड से इस बाबत 509.17 करोड़ रुपये एकत्रित भी किया। लेकिन अब तक इस फंड से महज 16.35 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए हैं। जबकि 1,69,200 कनेक्शन ही देश भर उपलब्ध कराए गए हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने इस योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया है। समिति ने वितरकों की ओर से स्थानीय प्राधिकरण को सौंपे जाने वाले बीपीएल आवेदकों की सूची की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न भी लगाया है।
समिति का कहना है कि योजना के बारे में गरीब परिवारों को जानकारी न के बराबर है। इसलिए पेट्रोलियम मंत्रालय को इस ओर सक्रियता दिखाते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्राधिकरण से बातचीत करनी चाहिए।
साथ ही उन्हें समय से बीपीएल सूची के प्रमाणीकरण और जागरूकता फैलाने की हिदायत भी देना जरूरी है। समिति ने ऐसा नहीं होने पर योजना असफल होने की आशंका भी व्यक्त की है।