वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय जल्द ही पांच वर्ष के लिए विदेश व्यापार नीति (2014-19) की घोषणा कर सकता है। व्यापार नीति में खास तौर पर मैन्यूफैक्चरिंग और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
वाणिज्य सचिव राजीव खेर ने पत्रकारों को बताया कि हम इस मुद्दे पर काम कर रहे और व्यापार नीति जल्द आएगी। नई नीति में अन्य मुद्दों के अलावा सेवाओं के निर्यात, उत्पादों के स्टैंडर्ड्स और ब्रांडिँग पर फोकस किया जाएगा। पिछले तीन वर्ष के दौरान भारत का निर्यात 300 अरब डॉलर के आसपास रहा है। अब इसको बढ़ाए जाने की जरूरत है, जिससे विश्व व्यापार में देश का योगदान बढ़ सके।
आयात और निर्यात से जुड़ी सभी गतिविधियां विदेश व्यापार नीति से नियंत्रित होती हैं। इसका अहम मकसद देश का निर्यात बढ़ाना और व्यापार के विस्तार के माध्यम से आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (एफआईइओ) ने नई विदेश व्यापार नीति में सेवाओं और हाई टेक उत्पादों के निर्यात पर फोकस बढ़ाने को कहा है।