प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पांच प्रतिशत की विकास दर पर चिंता जताते हुए कहा है कि देश की इकोनॉमिक रफ्तार तेज करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के दो दिन के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि हम फिर से आठ प्रतिशत की आर्थिक विकास दर हासिल करने में सक्षम हैं।
'आठ प्रतिशत विकास दर हासिल करने में सक्षम'
पीएम ने कहा कि मौजूदा पांच प्रतिशत की विकास दर अस्थाई है। यदि हम निर्णायक कदम उठाएं तो एक बार फिर से आठ प्रतिशत की आर्थिक विकास दर हासिल कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात का कमजोर पड़ना व चालू खाता का घाटा एक चुनौती है। इस चुनौती को निवेश बढ़ाकर निपटा जा सकता है। इसके लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। सरकार प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति की समीक्षा कर रही है।
पीएम ने माना कि देश का उद्योग जगत मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है और निराशा का माहौल है। उन्होंने इसके लिए बहुत हद तक करप्शन और अफसरशाही की अर्कमण्यता को जिम्मेदार बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि गठबंधन सरकार चलाना आसान नहीं है। किंतु ये परेशानी अचानक नहीं आती है। ये समस्याएं उस समय भी थीं जब भारत आठ फीसदी की विकास गति की राह पर था।