सुप्रीम कोर्ट ने सहारा और सेबी को कोई ऐसा तरीका अपनाने को कहा है कि जिससे निवेशकों के 19,000 करोड़ रुपए लौटाए जा सकें।
इस रकम के भुगतान के लिए सुब्रत राय के नेतृत्व वाले समूह सहारा अपनी अचल परिसंपत्तियों को सिक्यूरिटी के तौर पर जमा रखने को राजी हो गया था।
लेकिन बाजार नियामक सेबी ने इन संपत्तियों की सेल डीड और इनकी वास्तविक कीमतों पर सवालिया निशान लगा दिया।
जस्टिस केएस राधाकृष्णन और जस्टिस जेएस खेहड़ की बेंच ने सेबी और सहारा से कहा कि वे निवेशकों को पैसा लौटाने के तरीके पर आपस में बैठ कर सहमति बना लें।
बेंच ने मामले को 28 अक्टूबर को अगली सुनवाई के लिए निर्धारित कर दिया।
बेंच ने सहारा की ओर से लंदन में 256 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदने की छपी खबरों का संज्ञान लेते हुए कहा कि अगर यह रिपोर्ट सही है तो समूह अपने निवेशकों को पैसा लौटाने की क्षमता रखता है।
बेंच ने पूछा कि क्या समूह इस रकम की बैंक गारंटी दे सकता है।