सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री केएच मुनियप्पा ने कहा कि मल्टी ब्रांट रिटेल में एफडीआई के आने से देश के एमएसएमई प्रभावित नहीं होंगे। मुनियप्पा ने एमएसएमई मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद कहा कि मल्टी ब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आने से पड़ने वाले प्रभावों से एमएसएमई को बचाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि खुदरा कारोबार में एफडीआई आने से ग्लोबल स्तर पर बेहतर गुणवत्ता की वजह से भारतीय एमएसएमई को भी उसके अनुरूप उत्पाद बनाने की चुनौती होगी, लेकिन इससे उनका दुनिया भर में विस्तार होगा। यूपीए सरकार का लक्ष्य देश के हर बेरोजगार को रोजगार देना है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी को सरकारी नौकरी दी जाएगी, बल्कि बेरोजगारों को रोजगार के योग्य बनाया जाएगा और उन्हें काम दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस काम में उनके मंत्रालय की अहम भूमिका होगी, क्योंकि देश में एमएसएमई क्षेत्र में छह करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ। इस क्षेत्र में 2.61 करोड़ उद्यमी कार्यरत हैं। युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में उनका मंत्रालय काम कर रहा है।
मुनियप्पा ने बताया कि देश के निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी 40 फीसदी है और विनिर्माण में इसकी भागीदारी 45 फीसदी है। इनमें बढ़ोतरी हो रही है। यह क्षेत्र अभी छह हजार से अधिक उत्पादों का उत्पादन कर रहा है। इस मौके पर मंत्रालय के सचिव विवेक राय और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के सीएमडी एचपी कुमार भी उपस्थित थे।