देश की एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (एआरसी) के लिए विदेशी पूंजी जुटाना आसान हो जाएगा। सरकार ने इन कंपनियों के लिए शुक्रवार को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा में बढ़ोतरी कर दी है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार अब देश की एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा मौजूदा 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दी गई है।
एआरसी में 74 प्रतिशत की विदेशी निवेश की सीमा एफडीआई और एफआईआई को मिलाकर की गई है। हालांकि इसके तहत एआरसी में अकेले एफआईआई निवेश की सीमा को 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत तक करने की भी छूट दी गई है। इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से फेमा के अधीन आवश्यक अधिसूचना अलग से और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की ओर अलग से सूचना जारी की जाएगी।