चालू वित्त वर्ष (2014-2015) के अक्तूबर माह में देश से वस्तुओं का निर्यात पिछले साल (2013-2014) अक्तूबर के मुकाबले 5.04 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष के पिछले सात महीनों के दौरान निर्यात बढ़ोतरी की यह सबसे कम दर है। इस साल अप्रैल-सितंबर के बीच पहली बार निर्यात में गिरावट आई है। वहीं, अक्तूबर माह के दौरान आयात में 3.62 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
सोने व चांदी के आयात में क्रमश: 280 फीसदी व 136 फीसदी का इजाफा रहा। सोने व चांदी के आयात में जबरदस्त उछाल की वजह से अक्तूबर माह का व्यापार घाटा 13.35 अरब डॉलर रहा। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोटर्स ऑर्गेनाइजेशन (फियो) के मुताबिक सरकार को निर्यात के गिरते कारणों पर तत्काल विचार करने की जरूरत है। विदेश व्यापार नीति की घोषणा में हो रही देरी से छोटे निर्यातकों को ब्याज दरों में 3 फीसदी की मिलने वाली छूट बैंकों ने देना बंद कर दिया है, जिससे निर्यात प्रभावित हो रहा है।
वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल अक्तूबर में 26.09 अरब डॉलर का निर्यात किया गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह निर्यात 27.4 अरब डॉलर का था। इस साल अक्तूबर में 39.45 अरब डॉलर का आयात किया गया, जबकि पिछले साल अक्तूबर में आयात 38 अरब डॉलर रहा था। चालू वित्त वर्ष के अक्तूबर का व्यापार घाटा 13.3 अरब डालर का रहा। पिछले साल की समान अवधि में यह घाटा 10.5 अरब डॉलर का था।
अक्तूबर में सोने का आयात 4.1 अरब डॉलर का रहा, जबकि पिछले साल अक्तूबर में यह आयात 1.1 अरब डॉलर का था। इस साल अक्तूबर में वस्तुओं के कुल निर्यात में लगभग 20 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाली इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 9.8 फीसदी की गिरावट रही। इस दौरान जेम्स व ज्वेलरी के निर्यात 2.25 फीसदी की गिरावट रही।
वस्तुओं के कुल निर्यात में जेम्स व ज्वेलरी की हिस्सेदारी लगभग 16 फीसदी है। हस्त शिल्प (हैंडीक्राफ्ट्स) के निर्यात में अक्तूबर में 38 फीसदी, तो रेडीमेड गारमेंट्स में 0.07 की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-अक्तूबर के दौरान निर्यात में 4.72 फीसदी का इजाफा रहा।