मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर को लेकर लंबे समय से छाई निराशा से आने वाले महीनों में मामूली राहत मिलने के आसार बन रहे हैं। हालांकि, इसके बावजूद इस तरह की संभावना नहीं है कि मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर में अच्छी खासी तेजी आएगी।
फिक्की ने अपने ताजा तिमाही सर्वे में अनुमान जताया है कि चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार में मामूली सुधार होगा। लेकिन, कई प्रमुख सेक्टरों मसलन ऑटोमोटिव, कैपिटल गुड्स, मेटल और केमिकल की वृद्धि दर इस अवधि में भी सुस्त बनी रहेगी।
सर्वे के मुताबिक, मौजूदा वित्तवर्ष में विकास दर भले ही कम रहेगी, लेकिन पिछले दिनों सरकार की ओर से उठाए गए आर्थिक सुधार के कदमों से निवेश के माहौल में सुधार आएगा। सर्वे में 364 मैन्यूफैक्चरिंग इकाई और संगठनों ने तीसरी तिमाही को लेकर अपनी राय जाहिर की है। इनके मुताबिक तीसरी तिमाही में मैन्यूफैक्चरिंग की वृद्धि दर मांग में बढ़ोतरी पर निर्भर करेगी। कंपनियों के आर्डर बुक में आए मामूली सुधार के चलते उम्मीद है आलोच्य अवधि में मैन्यूफैक्चरिंग की रफ्तार थोड़ी तेज होगी।
फिक्की के सर्वे में शामिल 45 फीसदी लोगों का मानना है कि तीसरी तिमाही के दौरान उत्पादन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अधिक रहेगा। जबकि, पिछली दो तिमाहियों के सर्वे में 44 फीसदी और 46 फीसदी लोगों ने ऐसी राय जाहिर की थी।
मांग में बढ़ोतरी की बात करें तो, इसमें वैसे तो नरमी का रुख बना रहेगा, लेकिन चालू वित्तवर्ष की दूसरी तिमाही की तुलना में थोड़ा बहुत सुधार जरूर आएगा। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर में आए सुधार के चलते यह पूर्वानुमान जताया गया है।
इस साल जून और जुलाई में नकारात्मक ग्रोथ दर्ज करने के बाद अगस्त 2012 में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर 2.9 फीसदी दर्ज की गई थी। जबकि सितंबर 2012 में आठ प्रमुख उद्योगों की वृद्धि दर 5.1 फीसदी रही, जो सितंबर 2011 में 2.5 फीसदी दर्ज की गई रही थी।
अगले तीन महीने नई नियुक्ति नहीं
फिक्की के सर्वे में शामिल करीब 70 फीसदी लोगों को मानना है कि अगले तीन महीने मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में नई नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। इससे साफ संकेत है कि उद्योग जगत अभी भी विस्तार योजनाओं को लेकर सतर्कता बरत रहा है। दूसरी तिमाही के सर्वे में भी 70 फीसदी उत्तरदाताओं ने ऐसी ही राय जाहिर की थी। दूसरी ओर, 34 फीसदी लोगों को मानना है कि चालू वित्तवर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनियां क्षमता का उपयोग पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले अधिक करेंगी।
सेक्टरवार तीसरी तिमाही में ग्रोथ का अनुमान
सेक्टर अनुमान
केमिकल्स धीमा
एफएमसीजी एंड फूड नरम
इलेक्ट्रानिक्स उच्च
कैपिटल गुड्स नरम
स्टील एंड मेटल्स धीमा
ऑटोमोटिव धीमा
सीमेंट नरम
लेदर एंड फूट वेयर नरम
टायर उच्च
मशील टूल्स धीमा
सेरेमिक्स उच्च