आम चुनाव की दस्तक ने सरकार के हर महकमे में नए वादों की रूपरेखा खींचनी शुरू कर दी है। ऐसी ही कवायद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय भी कर रहा है। मंत्रालय की देश के हर जिले में 100 नए छोटे कारोबारी बनाने की तैयारी है।
मंत्रालय प्रधानमंत्री रोगजार गारंटी कार्यक्रम के जरिए इसे जिला औद्योगिक केंद्रों के द्वारा पूरा करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। साथ ही छोटे कारोबारियों के कारोबार आसान करने के लिए उनके लिए एक स्पेशल पैकेज की भी कवायद की जा रही है।
सूक्ष्म, लुघ एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) केएच मुनियप्पा ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं कि वह नए कारोबारियों को जोड़ने के लिए एक्शन प्लान तैयार करें, जिससे कि प्रधानमंत्री रोजगार गारंटी कार्यक्रम के जरिए हर जिले में 100 नए कारोबारियों को जोड़ा जा सके।
मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार छोटे कारोबारियों की राह आसान करने के लिए मंत्रालय इसी के तहत एक स्पेशल पैकेज भी बना रहा है, जिसके लिए अंतरमंत्रालयीय समूह का गठन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में किया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से निर्यात बढ़ाने और श्रम कानूनों को आसन करने का रास्ता तैयार करना है।
अधिकारी के अनुसार इस संबंध में वित्त मंत्रालय के साथ भी बैठक की जा चुकी है। हाल ही में वित्त मंत्रालय ने एक दिवसीय कार्यशाला के जरिए भी कारोबारियों से सुझाव मांगे थे, जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तैयार होगी।
ताजा आंकड़ों के अनुसार देश के कुल निर्यात में एमएसएमई सेक्टर की हिस्सेदारी करीब चार फीसदी कम हो गई है।
मौजूदा जानकारी के मुताबिक सेक्टर की हिस्सेदारी 40 फीसदी से कम होकर 36 फीसदी पर आ गई है। मंत्रालय अब इसे पुराने स्तर पर ले जाने के लिए आने वाले दिनों में नए कदमों को उठाने की तैयारी कर रहा है।