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पकड़ में आई 10 हजार करोड़ की सेवा कर चोरी

Fri, 01 Feb 2013 11:55 PM IST
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
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ग्राहकों से सेवा कर की वसूली के बावजूद सरकार को जमा न कराने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। राजस्व विभाग ने इस साल करीब दस हजार करोड़ रुपये के सेवा कर छिपाने के मामले पकड़े हैं। अकेले दिल्ली जोन में पिछले एक महीने के दौरान सेवा कर में करीब 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई है। अप्रत्यक्ष करों के संग्रह में उम्मीद के मुताबिक बढ़ोतरी न होने से चिंतित वित्त मंत्रालय ने अब पूरा ध्यान सेवा कर वसूली पर लगा दिया है।
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शुक्रवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) और सेवा कर महानिदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर सेवा कर संग्रह बढ़ाने के लिए हरसंभव उपाय करने को कहा है। बैठक में ग्राहकों से सेवा कर वसूलने के बावजूद कर जमा न करने के बढ़ते मामलों को रोकने पर भी जोर दिया गया है।

सीबीईसी के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल देश भर में करीब 10 हजार करोड़ रुपये की सेवा कर चोरी के मामले पकड़े गए हैं, जिनमें से करीब 15 सौ करोड़ की वसूली हो चुकी है। गौरतलब है कि चालू वित्तीय वर्ष में अप्रत्यक्ष करों के संग्रह में उम्मीद की मुताबिक बढ़ोतरी नहीं हुई है।
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सरकार को इन करों में इस साल 27 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद थी, जबकि संग्रह पिछले साल के मुकाबले करीब 17 फीसदी की दर से बढ़ा है। वित्त वर्ष के बाकी बचे दो महीनों में वित्त मंत्रालय ज्यादा से ज्यादा कर वसूली की कोशिशों में जुटा है। हालांकि, सेवा कर संग्रह लक्ष्य से बेहतर रहा है लेकिन सीमा व उत्पाद शुल्क में रही कमी की भरपाई सरकार सेवा कर के जरिए ही करना चाहती है।

तीन साल के रिटर्न पर नजर
पिछले साल सरकार ने निगेटिव लिस्ट में शामिल सेवाओं को छोड़कर सभी को सेवा कर के दायरे में ला दिया था। सेवा कर विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां कंपनियां ग्राहकों से सेवा कर वसूल रही हैं लेकिन सरकार को जमा नहीं करा रही हैं। ऐसे मामलों को पकड़ने के लिए विभाग ने पिछले तीन साल के रिटर्न की छानबीन शुरू की है। इससे कर चोरी के कई मामले सामने आए हैं।
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