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कृषि और स्वास्थ्य बीमा पर है ज्यादा जोर: राकेश जैन

Wed, 21 Aug 2013 12:01 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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निजी क्षेत्र की नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी रिलायंस जनरल इंश्योरेंस अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में विविधता लाने की रणनीति के तहत मौसम आधारित इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और एसएमई कर्मचारियों के लिए हेल्थकेयर के तहत नए-नए इंश्योरेंस प्रोडक्ट लाने पर विचार कर रही है।
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रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के सीईओ राकेश जैन ने कंपनी की नई कारोबारी रणनीति पर अमर उजाला के सीनियर एडीटर हरवीर सिंह से विस्तार से बातचीत की। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश-

सवाल: नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों का अधिक फोकस मोटर इंश्योरेंस बिजनेस पर रहता है। बदलते कारोबारी माहौल में रिलायंस जनरल इंश्योरेंस के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में किस तरह की विविधता लाने की तैयारी है?
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जवाब: निश्चित तौर पर नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनियां अधिक ग्रोथ हासिल करने के लिए मोटर इंश्योरेंस पर अधिक फोकस करती हैं। हालांकि, देश में बिजनेस माहौल बदल रहा है। हमने अधिक से अधिक नॉन लाइफ इंश्योरेंस सेगमेंट में अपनी पहुंच बनाकर बिजनेस पोर्टफोलियो को बैलेंस करने का फैसला किया है। फिलहाल, कंपनी के कुल बिजनेस में मोटर इंश्योरेंस की हिस्सेदारी 64 फीसदी है। जबकि, हेल्थ इंश्योरेंस की 16 फीसदी, फायर की 8 फीसदी, इंजीनियरिंग की 4 फीसदी और मरीन की 2 फीसदी है। हमारी कोशिश कुल कारोबार में मोटर इंश्योरेंस की हिस्सेदारी घटाकर 60 फीसदी करने की है, जबकि हेल्थ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी बढ़ाकर करीब 20 फीसदी करने की है। इसी तरह फायर, इंजीनियरिंग और मरीन इंश्योरेंस में भी बिजनेस का विस्तार करने की योजना है।

सवाल: हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच देश में अभी बहुत कम है जबकि संभावनाएं काफी हैं। कारोबार और सेवा के अवसर के रूप में आप हेल्थ इंश्योरेंस सेगमेंट को कैसे देखते हैं?
जवाब: देश में पांच फीसदी से कम लोगों के पास गैर सरकारी हेल्थ इंश्योरेंस का कवर है। देश में 30 अरब डॉलर का कुल हेल्थकेयर व्यय है, जिसमें हेल्थ इंश्योरेंस की हिस्सेदारी महज 10 फीसदी है। इससे साफ जाहिर है कि देश में हेल्थ इंश्योरेंस की पहुंच बहुत ही कम है और इसमें व्यापक संभावनाएं हैं। सबसे बड़ी बात जागरूकता की कमी है। एसएमई सेक्टर में हेल्थ इंश्योरेंस की काफी संभावनाएं हैं क्योंकि एसएमई इकाइयां अपने कर्मचारियों को हेल्थ कवर नहीं मुहैया कराती हैं। एसएमई सेक्टर में करीब 7.5 करोड़ लोग कार्यरत हैं, जिनका देश की जीडीपी में योगदान 9-10 फीसदी है। हम अपने एजेंटों को एसएमई सेक्टर पर अधिक फोकस करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। एजेंटों को रिटेल बिजनेस के अलावा कॉरपोरेट और एसएमई सेक्टर से कम से कम 10 फीसदी बिजनेस हासिल करने की दिशा में कार्य करने को मोटिवेट किया जा रहा है।

सवाल: नॉन लाइफ इंश्योरेंस में कृषि बीमा नया सेगमेंट है। इसको लेकर आपकी क्या योजनाएं हैं?
जवाब: हमने कृषि बीमा के क्षेत्र में कदम रख दिया है। इसके तहत, किसानों को उनकी फसल पर मौसम की मार के खतरे को लेकर बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने वाले प्रोडक्ट पेश किए गए हैं। हम उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, असम और बिहार में मौसम और उपज आधारित फसल बीमा योजना पेश कर रहे हैं। चालू वित्त वर्ष (2013-14) की समाप्ति तक 10 राज्यों में करीब एक लाख किसानों तक कृषि बीमा प्रोडक्ट पहुंचाने का लक्ष्य है। केंद्र सरकार द्वारा रिलायंस जनरल इंश्योरेंस को 21 राज्यों में मौसम आधारित फसल बीमा शुरू करने वाले पैनल में शामिल किया गया है। इसके अलावा, नेशनल एग्रीकल्चर इंश्योरेंस स्कीम के तहत देशभर में चिह्नित 50 जिलों में किसानों को उपज आधारित फसल बीमा उपलब्ध कराने का जिम्मा भी कंपनी को सौंपा गया है।

सवाल: हाल ही रिलायंस जनरल में लड़कियों और महिलाओं के लिए खास हेल्थ प्लान लांच किए। क्या अन्य पेशेवर वर्ग के लिए इस तरह के प्रोडक्ट लाने की योजना है?
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जवाबः जी हां, आने वाले समय में हम केंद्रित प्रोडक्ट लाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। जल्द ही हम शिक्षकों के लिए नया हेल्थ प्लान लाने वाले हैं।

सवाल: चालू वित्तवर्ष में अपने बिजनेस की ग्रोथ टारगेट हासिल करने के लिए आपकी क्या विस्तार योजनाएं हैं?
जवाब: चालू वित्तवर्ष 2013-14 में हमें अपने कारोबार में 20 फीसदी की ग्रोथ हासिल करने का लक्ष्य है। कंपनी 2012-13 में अपना घाटा 2011-12 के 343 करोड़ से घटाकर 93 करोड़ रुपये पर लाने में कामयाब रही है। हमें उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में हम मुनाफे में आ जाएंगे। अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए हम चालू वित्तवर्ष में 4,000 से अधिक एजेंटों की नई नियुक्ति साथ इनकी संख्या 15,000 पर ले जाएंगे।
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