केंद्रीय बजट में एयर कंडीशन रेस्टोरेंट पर लगाए गए नए टैक्स से न घबराएं। इसके दायरे में सभी एसी रेस्टोरेंट नहीं आएंगे। सरचार्ज वही रेस्टोरेंट वसूल सकते हैं, जिन्होंने सालाना टर्नओवर दस लाख रुपए से अधिक दिखाया हो। साथ ही इस बात की घोषणा सेंट्रल एक्साइज में की गई हो।
एसी रेस्टोरेंट में खाना खाने के बिल पर दस फीसदी सरचार्ज का प्रावधान सभी रेस्टोरेन्ट पर प्रभावी नहीं होगा। 28 फरवरी को पेश बजट में केंद्र सरकार ने तय किया है कि सरचार्ज वही वसूल पाएंगे जिनका सालाना टर्नओवर 10 लाख रुपए से अधिक है। उनका सेंट्रल एक्साइज विभाग में रजिस्ट्रेशन जरूरी है। इसके लिए सर्टिफिकेट भी हासिल करना होगा।
जो रेस्टोरेंट इस दायरे में नहीं आते वह सर्विस टैक्स एसी सरचार्ज नहीं वसूल सकते। बिना रजिस्ट्रेशन टैक्स वसूलना एक्ट के तहत अपराध है। साथ ही उनके बीते पांच साल के टर्न ओवर पर सेंट्रल एक्साइज टैक्स वसूलेगा। इस बाबत देशभर के सेंट्रल एक्साइज को गाइड लाइन जारी कर दिए गए हैं।
सेंट्रल एक्साइज के सहायक आयुक्त डीडी मंगलम ने बताया कि बड़े शहरों में ही इसका प्रभाव ज्यादा होगा। छोटे शहरों में सर्विस टैक्स के दायरे में आने वाले आने वाले एसी रेस्टोरेंट गिनती के ही हैं। गाइड लाइन के मुताबिक दस फीसदी का सालाना टर्नओवर वाला ही ऐसा कर सकता है।
खुद ही करा लें रजिस्ट्रेशन नहीं तो जेल तय
गाइडलाइन के मुताबिक जिस रेस्टोरेंट का टर्न ओवर दस लाख से अधिक है उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर अगर सेंट्रल एक्साइज की जांच में पकड़े गए तो बीते पांच साल में हुए कुल कारोबार पर दस प्रतिशत के हिसाब से जुर्माना विभाग वसूल लेगा। यही ही नहीं जेल भेजने का प्रावधान भी है।
सर्विस टैक्स भुगतान की ऑरिजनल रसीद लें
कोई भी रेस्टोरेंट और होटल सर्विस टैक्स लेता है तो उससे ऑरिजनल बिल जरूर मांगें। बिल पर सेंट्रल एक्साइज के रजिस्ट्रेशन नंबर का होना जरूरी है। बिल पर संदेह हो तो उसे कस्टम के हवाले कर दें। यही सतर्कता वैट देने के दौरान भी रखें। कई बिल फर्जी भी होते हैं। ऐसे कई मामले वाणिज्य कर और सेंट्रल एक्साइज के पास पहुंचे हैं।