खाद्य सुरक्षा के लिहाज से रबी फसलों की बेहतर पैदावार भले ही सुकून की बात हो, लेकिन भंडारण के लिए पर्याप्त जगह न होना केंद्र सरकार की मुसीबत का कारण बन सकता है।
राज्य सरकारें पहले से ही भंडारण के मुद्दे पर पल्ला झाड़ रही है। ऐसे में अगले महीने से शुरू हो रहे रबी खरीद सीजन में अनाज को सुरक्षित रखना केंद्र के लिए बड़ी चुनौती होगी। स्थिति यह है कि पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित दक्षिण व पश्चिम के राज्यों ने गोदाम खाली नहीं होने की बात कह दी है।
खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पंजाब और हरियाणा पहले ही कह चुके हैं कि जब तक पिछले वर्ष का अनाज गोदामों से बाहर नहीं निकाला जाता तब तक नए सीजन के अनाज का भंडारण संभव नहीं है। गोदामों में पिछले पांच वर्षों का अनाज पड़ा हुआ है। पिछले वर्ष गेहूं की रिकॉर्ड खरीद होने के साथ ही चावल की खरीद भी अच्छी हुई थी।
हालांकि केंद्र सरकार ने पंजाब और हरियाणा सहित अन्य प्रमुख राज्यों को पहले जनवरी और फिर फरवरी में पत्र लिखकर भंडारण की उचित व्यवस्था करने की बात कही थी। जिसके जवाब में राज्यों ने कहा है कि जब तक पुराना अनाज गोदामों से नहीं उठाया जाएगा। तब तक चालू रबी खरीद सीजन का अनाज रखना संभव नहीं है।
हालांकि भंडारण की समस्या से जूझ रहे खाद्य मंत्रालय के विपरीत कृषि मंत्रालय गेहूं, दाल और तिलहन की अच्छी फसलों को लेकर बाग-बाग है। शुक्रवार तक देश भर में 631.67 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुवाई पूरी हो चुकी थी, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग पौने दो लाख हेक्टेयर अधिक है।