सरकार आम आदमी पर महंगाई का बोझ बढ़ाती ही जा रही है। एक ओर जहां सरकार अगले 6 माह में डीजल के दाम में 4 से 5 रुपए का इजाफा करने की सोच रही है वहीं दूसरी ओर तेल कंपनियां 16 सितंबर से प्रति लीटर पेट्रोल पर करीब दो रुपए का मुनाफा कमा रही हैं। कुछ भी हो, महंगाई से परेशान जनता को राहत नहीं जा रही है। वैसे कहा जा रहा है कि कंपनियां पेट्रोल के दाम घटा सकती हैं। लेकिन अभी आने वाले कुछ हफ्तों में ऐसा कुछ प्रतीत नहीं हो रहा है।
रुपए को मिली मजबूती
डॉलर के मुकाबले रुपए के मजबूत होने से तेल कंपनियों को कच्चा तेल सस्ता पड़ रहा है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल के दाम भी गिरे है। 16 से 30 सितंबर के बीच कच्चे तेल के भाव 113.64 डॉलर से गिरकर 109.9 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। इस पखवाड़े में रुपया भी प्रति डॉलर के मुकाबले 55.47 से गिरकर 53.65 रुपए पर आ गया है।
डीजल पर सब्सिडी घटाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक सरकार मार्च 2013 तक डीजल पर 14 रुपए की सब्सिडी को 8-9 रुपए करने की तैयारी में हैं। इससे पहले भी सरकार डीजल के दाम में 5 रूपए की बढ़ोतरी कर चुकी है। जिसका काफी विरोध हुआ था। सब्सिडी के कारण सरकार का घाटा बढ़ता जा रहा है।