पर्यावरण मंजूरी, नीतिगत जड़ता और बैंकों से कर्ज न मिलने आदि की समस्याओं से जूझ रहे पावर प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने की तैयारी है।
मोदी सरकार इसकेलिए नया रोडमैप तैयार कर सकती है। जिससे कि प्रोजेक्ट्स को शुरू करने में आ रही अड़चनों को दूर किया जा सके। इसी कवायद को लेकर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री, पीयूष गोयल ने वित्त मंत्री अरूण जेटली से भी मुलाकात की है।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पॉवर सेक्टर के बहुत सारे प्रोजेक्ट पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण अटके हैं। ऐसे में नई सरकार चाहती है, कि इस मामले में कोई ऐसा रास्ता निकाल जाए, जिससे इन अटके प्रोजेक्ट को रफ्तार मिल सके।
प्रोजेक्ट अटके होने की वजह से बैंक भी ऐसे प्रोजेक्ट को कर्ज देने से बच रहे हैं। उनका मानना है, कि ऐसे प्रोजेक्ट्स को कर्ज देने से उनका कर्ज डूब जाएगा। इन्ही सब मसलों को लेकर ऊर्जा मंत्री ने वित्त मंत्री से मुलाकात की है।
ऊर्जा मंत्रालय कैबिनेट के जरिए रास्ता निकालना चाहता है। जिससे कि तेजी से इन प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल सके। साथ ही बैंक भी उन्हें कर्ज देने में परहेज न करें। यदि ऐसा होता है, तो निजी क्षेत्र के भी कई अहम प्रोजेक्ट्स को फायदा मिलेगा।