साइप्रस को यूरोपियन यूनियन द्वारा बहुत ही सख्त शर्तों पर दिए गए बेलआउट पैकेज से ग्लोबल बाजारों में कमजोरी का दबाव घरेलू शेयर बाजारों पर भी साफ दिखा।
इसके अलावा रेटिंग एजेंसी मूडीज की ओर से खाद्य महंगाई के चलते देश की क्रेडिट रेटिंग को खतरे की चेतावनी ने भी बाजार की धारणा को कमजोर किया।
इस दोतरफा दबाव के चलते बिकवाली की मार से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसईं) का सेंसेक्स 135 अंक लुढ़क कर 19,293.20 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 37.35 अंक घटकर 5,835.25 अंक के स्तर पर सिमट गया।
बीएसई का मिडकैप 18.35 अंक नीचे 6,367.78 अंक के स्तर पर और स्मॉलकैप 41.68 अकं नीचे 6,137.85 अंक के स्तर पर रहा।
पीएसयू, ऑटो, रीयल्टी तथा तेल-गैस वर्ग में बिकवाली का सबसे ज्यादा दबाव रहा, जबकि एफएमसीजी, सीडी और हेल्थकेयर वर्ग में लिवाली रही।
सेंसेक्स करीब 150 अंक नीचे खुलने के बाद 19,345.42 अंक के ऊपरी और 19,232.23 अंक के निचले स्तर पर रहकर आखिर में पिछले कारोबारी सप्ताह की तुलना में 0.69 प्रतिशत नीचे 19,293.20 अंक पर बंद हुआ।
निफ्टी ने भी कमजोर शुरुआत की। बीच सत्र में यह 5,850.20 अंक के ऊपरी और 5,814.35 अंक के निचले दायरे में रहने के बाद आखिर में 0.64 फीसदी घटकर 5,835.25 अंक बंद हुआ।
बीएसई में कुल 2,969 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इसमें 1,094 लाभ में और 1,754 नुकसान में रहे बाकी 121 में कोई बदलाव नहीं हुआ। सेंसेक्स पर आधारित 30 शेयरों में से 6 लाभ में और बाकी नुकसान में रहे।
सेंसेक्स में मजबूती पर टिकने वाले शेयरों में सिप्ला 1.70 फीसदी लाभ के साथ फीसदी मुनाफे में रहे। नुकसान उठाने वालों में कोल इंडिया 5.41 प्रतिशत, टाटा मोटर्स 3.43, गेल इंडिया 3.16, मारिति 2.98, स्टरलाइट 2.68, बजाज ऑटो 2.06, विप्रो 1.68, टाटा मोटर्स 1.55, आईसीआईसीआई बैंक 1.50, टाटा स्टील 1.48, आरआईएल 1.45, रेड्डीज लैब 1.27, महिंद्रा 1.26, एचडीएफ्सी एक फसदी, भारती एयरटेल 0.98, भेल 0.93, इनफोसिस 0.77 फीसदी की गिरावट में रहे।
साइप्रस बेल आउट पैकेज को लेकर उपजे संकट से विदेशी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज रही। खासकर यूरोपीय और एशियाई बाजार सबसे ज्यादा आहत हुए।