महंगाई से लोगों को राहत नहीं मिलने जा रही है। अब देश की एक बड़ी कंपनी ने कर्मचारियों के वेतन में कटौती का फैसला किया है।
दो हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी कृषि खरीद एजेंसी नेफेड अपने कर्मचारियों के वेतन में 10 फीसदी की कटौती करेगी। इसके साथ ही कंपनी ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की भी पेशकश की है। कंपनी ने अपने परिचालन खर्चे घटाने के तहत यह कदम उठाया है।
नेफेड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह एक मुश्किल और दुखद फैसला है। नेफेड बोर्ड यह फैसला कर चुका है।
कंपनी की कारोबारी आमदनी की तुलना में उसके प्रशासनिक खर्चे करीब दोगुना हो गए हैं। इसे देखते हुए अब इस फैसले को आगे नहीं टाला जा सकता है।
गत 30 दिसंबर को नेशनल एग्रीकल्चर कोआपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (नेफेड) बोर्ड की बैठक में कर्मचारियों के वेतन में जनवरी से 10 फीसदी कटौती का फैसला किया गया। वहीं, नेफेड ने वीआरएस के तहत वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए कृषि मंत्रालय से तत्काल 25 करोड़ रुपये की मांग की है।