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'नए बैंक आने से ग्राहकों को फायदा, बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा'

Fri, 29 Mar 2013 10:46 AM IST
नई दिल्ली/कारोबार डेस्क
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देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर केआर कामत का कहना है कि इस समय बैंकिंग उद्योग एक चुनौती के दौर से गुजर रहा है क्योंकि अर्थव्यवस्था के अधिकांश क्षेत्रों की हालत अच्छी नहीं है।
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ऐसे में पंजाब नेशनल बैंक बेहतर गुणवत्ता के कर्ज को फोकस करते हुए ग्राहकों की सुविधाओं में बढ़ोतरी की रणनीति पर अमल कर रहा है। जिसके चलते केवल ब्रांच संख्या बढ़ाने की बजाय पहले बिजनेस कॉरेस्पोंडेट के जरिये कारोबार बढ़ाकर ब्रांच की जरूरत बनाने की कोशिश है तो वहीं तकनीक का उपयोग कर ग्राहकों का समय बचाने की योजना लागू की गई है।

कामत इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष भी हैं और उनका कहना है कि हाल में सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है।
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अमर उजाला के सीनियर एडिटर हरवीर सिंह और प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट प्रशांत श्रीवास्तव के साथ पीएनबी चेयरमैन ने तमाम मुद्दों पर लंबी बातचीत की। पेश है इस बातचीत के मुख्य अंश:

प्रश्न- मौजूदा आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए बैंकिंग इंडस्ट्री पर किस तरह का असर हुआ है। आने वाले दिनों के लिए कैसे संकेत दिख रहे हैं?

उत्तर - यह साल इंडस्ट्री के लिए पिछले कुछ वर्षों में सबसे ज्यादा चुनौती वाले वर्षों में से एक रहा है। ऐसे में अर्थव्यवस्था की इस चुनौती का असर बैंकों पर भी पड़ रहा है।

बैंक एग्रीगेटर की भूमिका निभाते हैं। ऐसे में यदि एविएशन क्षेत्र पर विपरीत असर पड़ रहा है या टेक्सटाइल, पॉवर और दूसरे किसी भी सेक्टर पर प्रतिकूल असर हो रहा है, तो उसका असर बैंकों पर भी पड़ेगा।

बैंकों के लिए यह निश्चित तौर से चुनौती का समय है। पर आशा की बात यह है कि पिछले कुछ महीनों में सरकार ने जो सकारात्मक फैसले लिए हैं, उसका असर अर्थव्यवस्था पर अच्छा होता दिख रहा है।

प्रश्न- आर्थिक सुस्ती का असर किन सेक्टर पर ज्यादा पड़ा है?
उत्तर- अभी जो स्थिति है उसमें किसी एक सेक्टर के खराब होने का असर नहीं है। पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। असल बात यह है कि सभी सेक्टर एक-दूसरे से जुड़े हैं।

जैसे आप रीयल एस्टेट को देखें तो उससे करीब 200 तरह की इंडस्ट्री जुड़ी है। ऐसे में अर्थव्यवस्था के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने से सभी सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं।

प्रश्न- पीएनबी की बात करें, तो पिछले कुछ वित्त वर्षों से बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ आगे-पीछे होने की होड़ है, ऐसे में इस चुनौती को किस तरह से देखते है, इसको लेकर आपकी रणनीति क्या है?

उत्तर- सबसे बड़ा सवाल यह है कि आप किसी बैंक को किस तरह से आंकते हैं। क्या आप उसे बैंक की केवल बैलेंसशीट से आंकते हैं, या फिर आप बैंक के फंडामेंटल को देखते हैं। जहां तक पीएनबी की बात है तो हम पूरी तरह से अपनी रणनीति को लेकर स्पष्ट हैं।

हम केवल बैलेंसशीट नहीं बढ़ाना चाहते हैं, हम बैंक के फंडामेंटल भी मजबूत रखना चाहते हैं। गुणवत्ता पर हमारा फोकस है।

उदाहरण के तौर पर 31 मार्च 2012 तक बैंक का बल्क डिपॉजिट 88 हजार करोड़ रुपये था, जो अब करीब 55 हजार करोड़ रुपये है। कम हुई राशि की वजह से हमारे लाभ में बढ़ोतरी हुई है। यदि वह राशि बल्क डिपॉजिट के रूप में ही रहती तो उससे हमारी बैलेंसशीट जरूर बढ़ जाती पर लाभ में कोई खास असर नहीं होता।

पीएनबी पूरी तरह से लाभ की स्थिति को देखते हुए प्रासंगिक और बेहतर कारोबार के जरिए अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। बैलेंसशीट बढ़ाकर चुनौती मिलने से बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है।

प्रश्न- रिटेल लोन कारोबार को लेकर बैंक की क्या योजनाएं हैं, इसे बेहतर करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

उत्तर- बैंक का रिटेल लोन एसेट ग्रोथ 20 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। जो कि किसी और पोर्टफोलियो से ज्यादा है। बैंक ने हाल ही में 75 रिटेल एसेट बैंक शाखाएं खोली है। जो कि केवल रिटेल बैंकिंग का ही काम करेंगी। इसके जरिए हम अपने ग्राहकों को पहले की तुलना कम समय में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

प्रश्न- नई तकनीकी के इस्तेमाल के जरिए किस तरह से ग्राहकों के लिए बैंकिंग आसान करने की तैयारी है?
उत्तर- ग्राहकों को बेहतर और कम समय में बैंकिंग सेवा देने के लिए हमने पीएनबी प्रगति स्कीम शुरू की है। इसके तहत हम शुरू में अपनी 300 बड़ी शाखाओं में ग्राहकों के लिए सेल्फ सर्विस क्षेत्र की सुविधा देंगे। जहां ग्राहक खुद ही नकद जमा, पासबुक अपडेट करने, चेक जमा करने, धन निकासी जैसी सुविधा मशीनों के जरिए प्राप्त कर सकेगा। यहीं नहीं कुछ शाखाओं में हम क्वाइन वेंडिंग मशीन भी लगाने जा रहे हैं।

इन कदमों से इन शाखाओं में आने वाले 40 फीसदी ग्राहकों को बिना किसी बैंक कर्मचारी के सहयोग से बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। इसके बाद जिन ग्राहकों को दूसरी सेवाएं लेनी हैं, उनके लिए हम टोकन प्रणाली शुरू कर रहे हैं। यहीं नहीं, हमने बैंक कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए शाखाओं को आंतरिक रेटिंग देने की भी शुरुआत की है। यानी, अच्छा काम करने पर शाखा को बेहतर रेटिंग मिलेगी।

प्रश्न- मोबाइल बैंकिंग का काफी तेजी से विस्तार हो रहा है, निजी बैंक इसमें काफी आगे हैं, ऐसे में आपकी क्या योजनाएं हैं?
उत्तर- मोबाइल बैंकिंग में हम अभी बेसिक सुविधाएं दे रहे हैं। पर जल्द ही हम मोबाइल बैंकिंग के तहत आने वाली सभी तरह की सुविधाएं देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए बैंक टेंडर भी निकाल चुका है। आगे की कार्रवाई भी जल्द की जाएगी। जिससे ग्राहकों को मोबाइल बैंकिंग की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

प्रश्न- बैंकिंग शाखाओं के विस्तार के लिए किस तरह की तैयारी है?
उत्तर- बैंक ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। खास तौर से ग्रामीण क्षेत्रों में अल्ट्रा स्मॉल शाखाएं और बिजनेस कॉरस्पॉडेंट एजेंट बनाए जा रहे हैं। इनके जरिए जैसे-जैसे इन क्षेत्रों में कारोबार की प्रासंगिकता बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे उन्हें हम शाखाओं में परिवर्तित करते रहेंगे।

प्रश्न- फसल ऋण में भुगतान की क्या स्थिति है?
उत्तर- फसल ऋण में समस्याएं तब आती है, जब फसल अच्छी नहीं हुई है। हम लगातार किसानों को यह शिक्षित करने की भूमिका निभा रहे हैं कि वह सही समय पर अपने कर्ज चुकाएं, इससे उन्हें केवल उन्हें चार फीसदी के ब्याज पर कर्ज मिलेगा, जो उसके लिए बहुत अच्छी बात है। ऐसे में किसान को जागरूक करने की जरूरत है। हालांकि किसान ऋण में किसी तरह भुगतान में देरी की अभी विशेष समस्या नहीं है।

प्रश्न- हाल ही में कृषि कर्ज माफी योजना को लेकर कैग ने सवाल उठाए हैं, उस पर आपका क्या कहना है?
उत्तर- कृषि कर्ज माफी योजना में जो हाल ही में सवाल उठे हैं, उसे दो रूप में देखने की जरूरत है। एक तो यह कि क्या जानबूझकर कुछ मामलों में नियमों की अनदेखी की गई है। या फिर कर्ज माफी की इतनी बड़ी प्रक्रिया को लागू करने में जो कम समय था, उसका कुछ मामलों पर असर पड़ा है।

यदि जानबूझकर किसी मामले में गलती सामने आती है, तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए, यदि कुछ कमियां बड़े पैमाने पर किए गए इस काम की वजह से हुई हैं, तो उस वक्त मिले कम समय को भी ध्यान में रखना होगा।

प्रश्न- नए बैंकिंग लाइसेंस मिलने से बैंकिंग इंडस्ट्री में किस तरह के बदलाव होंगे, सार्वजनिक बैंकों के लिए क्या चुनौतियां हैं।
उत्तर- नए बैकिंग लाइसेंस का मैं स्वागत करता हूं। नए बैंक आने से ग्राहकों को फायदा मिलने वाला है। ऐसे में उन्हें अच्छी सुविधाएं मिलेगी, साथ ही बैंकों को प्रतिस्पर्धा मिलेगी। जहां तक निजी बैंकों के आने से सार्वजनिक बैंकों को मिलने वाली चुनौती की बात है, तो यह स्थान के आधार पर निर्भर करेगा। यदि किसी बैंक की शाखा ग्रामीण क्षेत्रों में खुलती है, तो उसकी अलग चुनौतियां होंगी, इसी तरह शहरी क्षेत्रों के लिए अलग चुनौतियां रहेंगी।
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