आगामी 31 दिसंबर के बाद आम चेक स्वीकार नहीं होंगे। अपने शहर के अधिकांश बैंकों ने पहले से ही उपभोक्ताओं को सीटीएस (चेक ट्रंकेशन सिस्टम) चेक जारी करने शुरू कर दिए हैं। चाहे कोई सीटीएस का नाम ले या नहीं। एचडीएफसी बैंक तो पिछले नौ माह से नए चेक जारी कर रहा है।
बैंकिंग के जानकारों के मुताबिक, कॉपरेटिव एवं ग्रामीण टाइप के कुछ बैंकों को छोड़ दिया जाए तो सार्वजनिक क्षेत्र एवं निजी क्षेत्र के अधिकांश बैंक कई माह पहले से ही सीटीएस चेक जारी कर रहे हैं। यह बात अलग है कि कोई ‘निष्क्रिय उपभोक्ता’ नई चेक न ले पाया हो। उसे तो एक जनवरी 2013 से नई चेक बुक लेनी ही पड़ेगी। सक्रिय उपभोक्ताओं को बैंक पहले से ही यह सुविधा दे रहे हैं।
एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक शैलेश नियोल ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि उनका बैंक पिछले नौ माह से सीटीएस चेक जारी कर रहा है। उनके लगभग सभी 18 हजार ग्राहकों के पास ऐसी ही चेकबुक है। किसी उपभोक्ता ने यदि मार्च के बाद से कोई चेकबुक ही नहीं ली है तो उसी के पास पुरानी बुक हो सकती है। लोन लेने वाले लोगों को भी बैंक के पास रखे गए पीडीसी (पोस्ट डेटेड चेक) चेक बदलने होंगे।
इसी प्रकार पीएनबी एवं एक्सिस की सीटीएस चेकबुक अब चलन में आ गई हैं। हरियाणा बैंक एंप्लायज फेडरेशन के चेयरमैन भोले सिंह का कहना है कि एक जनवरी 2013 से सीटीएस चेक ही क्लीयरिंग में जाएंगे। लेकिन, पुराने चेक से कैश निकाला जा सकता है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देशों के मुताबिक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भी सीटीएस चेक जारी कर रहे हैं।
कई उद्योगों एवं व्यापारियों ने यह कहा है कि वह 25 दिसंबर के बाद पुराने चेक नहीं लेंगे। ताकि, उन्हें परेशानी न हो। फरीदाबाद स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान राजीव चावला कहते हैं कि सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के अधिकांश बैंकों के सीटीएस चेक काफी दिन से चलन में हैं। मुद्दा यह है कि जिन उपभोक्ताओं ने नई चेकबुक नहीं ली है वह बैंक से ले लें, अन्यथा उन्हें परेशानी होगी।