मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के फैसले के अनुसार पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए कुल सात लाख से भी ज्यादा आवेदन मिले हैं। इसमें से लगभग चार लाख आवेदन लड़कियों के हैं। देश में यह पहली ऐसी परीक्षा है जहां लड़कों से ज्यादा लड़कियों के आवेदन मिले हैं। परीक्षा 5 मई को कुल आठ भाषाओं में आयोजित की जाएगी।
पहले केंद्र व राज्यों में मेडिकल कालेजों में प्रवेश के लिए अलग-अलग परीक्षाएं होती थीं। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एआईपीएमटी से सभी राज्यों में प्रवेश के लिए सिर्फ 15 प्रतिशत कोटा निर्धारित था। एमसीआई ने अब देश के सभी मेडिकल कालेजों में एक ही प्रवेश परीक्षा के आधार पर प्रवेश देने का फैसला लिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार आयोजित नेशनल एलिजबिलिटी कम इंट्रेस टेस्ट (नीट) के आयोजन की जिम्मेदारी सीबीएसई को दी गई है। परीक्षा के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर थी। देश भर से कुल 7,58,155 आवेदन मिले हैं, जिसमें से 3,98,442 आवेदन महिलाओं तथा 3,04,305 आवेदन पुरुषों ने किया है।
शेष आवेदनकर्ताओं के फीस क्लीयरेंस अभी नहीं हो पाए हैं। छह लाख से अधिक आवेदकों ने अंग्रेजी में तथा एक लाख आवेदकों ने हिंदी में परीक्षा देने का विकल्प चुना है। शेष छात्रों ने गुजराती, बांग्ला, तमिल, तेलगू अथवा मराठी में परीक्षा देने का विकल्प चुना है।
सीबीएसई ने 5 मई को कुल 85 शहरों में परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें दो परीक्षा केंद्र देश के बाहर दुबई एवं रियाद में होंगे। दुबई में 441 तथा रियाद में 157 छात्रों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इस परीक्षा में सर्वाधिक 1,11,764 आवेदन महाराष्ट्र से मिले है, जबकि उत्तर प्रदेश से 85,785, केरल से 69,790 तथा आंध्र प्रदेश से 66,456 आवेदन मिले हैं।