आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेजी से खर्च करने की प्रवृति में आई गिरावट के चलते फरवरी में भी शहरी उपभोक्ताओं का भरोसा सुस्त बना रहा। वित्तीय सर्विस प्रदाता ब्लूफिन के सर्वे में यह बात कही गई है।
फरवरी में ब्लूफिन का उपभोक्ता भरोसा सूचकांक (सीसीआई) 38 अंक पर रहा। इससे स्पष्ट है कि पिछले महीने के मुकाबले आंकड़े में कोई सुधार नहीं आया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि रोजगार और महंगाई को लेकर निराशा के माहौल में कमी आने के बावजूद उपभोक्ता भरोसा सूचकांक में कोई तेजी नहीं दर्ज की गई।
यह सूचकांक अर्थव्यवस्था, खर्च की प्रवृति और रोजगार के संबंध में शहरी भारतीय उपभोक्ताओं की वस्तुस्थिति का आकलन करने का एक प्रमुख सूचक है। सूचकांक के 50 के नीचे का आंकड़ा निराशाजनक माहौल और ऊपर का आंकड़ा सकारात्मक स्थिति को व्यक्त करता है।
ब्लूफिन के सीईओ राशिद बिलिमोरिया का कहना है कि खुदरा महंगाई के लगातार चौथे महीने बढ़ने और खाद्य महंगाई दर के 14.08 फीसदी पर पहुंचने से खर्च पर उपभोक्ताओं का सेंटीमेंट जनवरी के मुकाबले 0.8 अंक गिरकर फरवरी में 22.6 अंक पर रहा। सर्वे में महानगरों और छोटे शहरों सहित 18 शहरों के 4,000 शहरी उपभोक्ताओं को शामिल किया।