काले धन को सफेद करने के आरोप में शामिल देश के तीन प्रमुख निजी बैंकों पर आरबीआई ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत बैंकों पर अलग-अलग कार्रवाई होने के साथ प्रणाली के स्तर पर हुई चूक के आधार पर भी कार्रवाई आरबीआई करेगा।
ऑनलाइन पत्रिका कोबरापोस्ट द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन के जरिए पिछले महीने आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक के कुछ कर्मचारियों पर मनी लॉड्रिंग का आरोप लगाया था, जिसके बाद तीन बैंकों के अलावा रिजर्व बैंक ने इस पूरे मामले की जांच शुरू की थी।
बृहस्पतिवार को रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर एचआर खान ने बताया कि जांच प्रक्रिया पूरी हो गई है। बैंकों पर कार्रवाई की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक बैंक पर कार्रवाई के अलावा प्रणाली स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि खान ने यह बताने से इंकार किया कि बैंकों पर किस तरह की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आरबीआई की जांच रिपोर्ट को जारी करने के संबंध में भी कोई समय-सीमा बताने से भी इंकार किया है। डिप्टी गर्वनर ने यह जानकारी नेशनल हाउसिंग बैंक के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को दी।
इसके पहले आरोप लगने के बाद बैंकों द्वारा खुद शुरू की गई जांच भी पूरी की जा चुकी है। बैंकिंग इंडस्ट्री के सूत्रों के अनुसार आरोपी बैंकों ने अपनी जांच में जहां किसी तरह के नियमों की अनदेखी नहीं होने की बात कही है। वहीं रिजर्व बैंक की जांच में बैंकों द्वारा केवाईसी नियमों के उल्लंघन की बात भी आने की जानकारी मिली है।