नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के स्थान पर विमानन क्षेत्र के नए नियामक नागरिक विमानन प्राधिकरण (सीएए) के गठन को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।
इस संबंध में प्रस्तावित बिल आगामी मानसून सत्र में संसद में पेश किया जा सकता है। नए नियामक के पास परिचालन और वित्तीय संबंधी स्वायत्तता होगी।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद बताया कि नागर विमानन क्षेत्र के लिए नए नियामक के गठन के विमानन मंत्रालय के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है।
सीएए के गठन के लिए प्रस्तावित बिल को संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है। नियामक पूरी तरह से कार्यशील होगा और उसे वित्तीय स्वायत्तता भी दी जाएगी।
नए नियामक के पास विमानन सुरक्षा, विमान परिचालन के दौरान सुरक्षा निगरानी, विमान सेवा नेविगेशन परिचालन और अन्य नागर विमानन सुविधाओं को संचालन करने का अधिकार होगा।
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि तेजी से बदलते विमानन परिदृश्य के मद्देनजर अधिक प्रशासकीय और वित्तीय शक्ति वाले नियामक की आवश्यकता महसूस की जा रही थी, जो अब इस प्राधिकरण के गठन से पूरी हो जाएगी।
हालांकि, डीजीसीए को सीमित वित्तीय शक्तियां दी गई हैं लेकिन उनसे वह विमानन क्षेत्र के आमूलचूल बदलाव करने में सक्षम नहीं हो रहा है।