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आर्थिक विकास दर में गिरावट से सीआईआई चिंतित

Sun, 13 Jan 2013 07:51 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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आर्थिक विकास दर की धीमी रफ्तार से चिंतित भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने सरकार को बजट में निवेश उन्मुख और अर्थव्यवस्था के अनुकूल कदम उठाने की सलाह दी है। संगठन का कहना है कि अर्थव्यवस्था में निवेश के माहौल को प्रोत्साहित करने के लिए काफी कुछ करने की जरूरत है। सीआईआई ने बजट पूर्व ज्ञापन में वित्त मंत्रालय से ऐसे पहल करने की मांग की है, जिससे अर्थव्यवस्था को गति देने में मदद मिल सके।
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संगठन ने देश में निवेश बढ़ाने के लिए अगले तीन से पांच साल में संयंत्र और मशीनरी पर मूल्य ह्रास दर 15 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी करने का सुझाव दिया है। ऐसे समय में जब निवेश का प्रतिशत घटता जा रहा है, संगठन का यह सुझाव कारगर साबित हो सकता है।

इसके अलावा कारपोरेट कर से अधिभार और उपकर हटाने की मांग की गई है। ढांचागत कंपनियों और सेज को न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) से मुक्त रखने का सुझाव भी दिया गया है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करने में हो रही देर पर संगठन ने कहा है कि केंद्रीय बिक्री कर को 2 फीसदी से घटाकर एक फीसदी कर दिया जाए तो यह निवेश के माहौल को सकारात्मक बनाएगा।
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औद्योगिक विकास दर में गिरावट और निवेश में कमी पर चिंता जाहिर करते हुए सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी का कहना है कि दिसंबर 2012 को समाप्त तिमाही में व्यवसायिक विश्वास सूचकांक में 50 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है, जो मौजूदा कमजोर व्यवसायिक माहौल का संकेत है।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए हाल के दिनों में उठाए गए कदमों से कारोबारी भरोसा बढ़ा है, लेकिन मौजूदा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वैश्विक माहौल को देखते हुए बजट में अभी कुछ और सकारात्मक कदम उठाने होंगे।
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