वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने बजट भाषण में कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर देने की बात कही है। आगामी वित्त वर्ष में चिदंबरम ने कृषि मंत्रालय को 27049 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यह राशि पिछले साल से 22 फीसदी अधिक है। उन्होंने कहा कि कृषि कर्ज की उत्पादन में अहम भूमिका है और नए साल में हमने 7 लाख करोड़ के कर्ज का लक्ष्य रखा है। अपने कर्ज को चुकाने वाले किसानों को और अधिक कर्ज देने की व्यवस्था है।वित्त मंत्री ने पूर्वी राज्यों में हरित क्रांति लाने के लिए 1000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। इसके अलावा उन्होंने छोटे किसानों को ब्याज पर मिलने वाली छूट को जारी रखने की घोषणा की है। इसके अलावा 2013-14 में फसल विविधता कार्यक्रम पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की। खेती तकनीक में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने अनाज और सब्जियों के बर्बादी पर चिंता जाहिर की। अनाज, फल और सब्जियों के भंडारण को दुरुस्त करने के लिए उन्होंने आगामी वित्त वर्ष में कोल्डस्टोरेज और भंडारण गृह के निर्माण पर जोर देने की बात कही। कृषि उत्पादों के स्टोरेज के लिए नाबार्ड को 5000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की।