साधारण ईंधन के मुकाबले कहीं अधिक कीमत पर मिलने वाले ब्रांडेड पेट्रोल और डीजल अब बाजार में नहीं मिल सकेंगे। तेल कंपनियों ने इनका उत्पादन पूरी तरह से बंद करने का निर्णय ले लिया है। अब इसकी जगह जल्द ही सस्ती कीमत वाले ब्रांडेड पेट्रोलियम उत्पादों को बाजार में उतारा जाएगा।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के निदेशक (मार्केटिंग) एम नेने ने बताया कि ब्रांडेड पेट्रोल, डीजल के खरीदार बाजार से गायब होते जा रहे हैं। सामान्य से कहीं अधिक मूल्य होने के कारण तेल कंपनियां इनकी बिक्री पर लगातार नुकसान झेल रही हैं। इसलिए इनका उत्पादन बंद करने का फैसला किया गया है। हालांकि, फिलहाल डीलरों की मांग पर ब्रांडेड पेट्रोल मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने इसकी जगह कम कीमत पर अपने ब्रांडेड उत्पादों को बेचने का निर्णय किया है। इनकी कीमत पहले के मुकाबले कम रखी जाएगी। तेल कंपनियां इस बाबत अनुसंधान में लगी हुई हैं।
उल्लेखनीय है कि भारतीय बाजार में ब्रांडेड पेट्रोल की मांग कुल बिक्री के महज 2 फीसदी के बराबर है। जबकि ब्रांडेड डीजल की मांग शून्य के करीब पहुंचने के कारण इसके 80 फीसदी को बाजार से हटा दिया गया है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2007-08 में ब्रांडेड और साधारण ईंधन के बीच करीब 60 पैसा प्रति लीटर का अंतर था।
फिलहाल, दिल्ली में ब्रांडेड पेट्रोल की कीमत 76.13 रुपये प्रति लीटर है। जबकि सामान्य पेट्रोल की कीमत 67.26 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी ओर, सामान्य डीजल की कीमत 47.65 रुपये प्रति लीटर है। राजधानी के कुछेक पेट्रोल पंप पर मिल रहे ब्रांडेड डीजल की कीमत 65.81 रुपये प्रति लीटर है।
गौरतलब है कि इंडियन ऑयल प्रीमियम पेट्रोल को एक्सट्रा माइल, भारत पेट्रोलियम स्पीड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पावर ब्रांड के नाम से बेचता है। तेल कंपनियों के मुताबिक प्रीमियम उत्पादों का उपयोग इंजन के बेहतर प्रदर्शन के साथ प्रदूषण उत्सर्जन कम करने के लिए किया जाता है। इनकी बिक्री पर उन्हें अच्छा खासा मुनाफा भी होता है। लेकिन अब उनके खरीदार काफी कम हो चुके हैं।