सीडीएमए सेवाओं के लाइसेंस पर कंपनियों की बेरूखी को देखते हुए सरकार ने 50 फीसदी कम कीमत पर नीलामी कराने का फैसला किया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सीडीएमए सेवाओं के लिए अगस्त 2012 की तुलना में 50 फीसदी कम राशि पर नीलामी करने की मंजूरी दे दी है। इसके पहले उच्चाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह ने भी नीलामी के लिए कीमतें रखने की सिफारिश की थी। नए कीमतों पर बोली की प्रक्रिया 11 मार्च से शुरु होगी।
अगस्त 2012 में सरकार ने सीडीएमए सेवाओं के लिए देश के 22 सर्किल में 3,640 करोड़ रुपये का बेस प्राइस रखा था। पर नवंबर में हुई नीलामी में किसी भी कंपनी ने ऊंचे बेस प्राइस की वजह से बोली में भाग नहीं लिया था। गुरुवार को ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 800 मेगाहर्ट्ज पर मौजूदा टेलीकॉम ऑपरेटर्स के उन सर्किल में भी कीमत तय करने की प्रक्रिया की मंजूरी दे दी है, जहां अभी नीलामी की कीमत तय नहीं हुई है। इसके लिए ऑपरेटर को नए रिजर्व कीमत के आधार एक जनवरी 2013 के आधार पर कीमत देनी होगी।
सरकार 11 मार्च से 2जी स्पेक्ट्रम के लिए दूसरे दौर की नीलामी प्रक्रिया शुरु करने की बात कह रही है। पहले दौर में ऊंची कीमत की वजह से जीएसएम सेवाओं के लिए सरकार 30 हजार लक्ष्य की तुलना में केवल 9047 करोड़ रुपये जुटा पाई थी। दूसरे दौर में सरकार ने अब जीएसएम सेवाओं के लिए पहले की तुलना में 30 फीसदी और सीडीएमए के लिए 50 फीसदी कम रिजर्व प्राइस रखा है।