वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर जोर देने को कहा है। साथ ही वित्त मंत्री ने चालू वित्त वर्ष के तहत आरआरबी को मिलने वाली पूंजी सहायता की बकाया राशि को जल्द से जल्द जारी करने की बात कही है। वृहस्पतिवार को वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के प्रमुखों के साथ बजट पूर्व चर्चा में यह बात कही है।
सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री ने आरआरबी प्रमुखों से कहा है कि वित्तीय समावेशन पर वह प्रमुख रुप से जोर दें। जिसके तहत वह सभी मानकों का पालन करें। उसके लिए जरूरी सभी सुविधाएं सरकार देगी। आरआरबी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने पर वित्त मंत्री ने कहा है कि क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो को बढ़ाने की जरूरत है। अभी यह औसतन 62 फीसदी है, जिसे 70 फीसदी किया जाना चाहिए। साथ ही वित्तीय रुप से कमजोर आरआरबी को यह कम से कम 60 फीसदी तक लाना चाहिए।
वित्त मंत्री ने इसके अलावा आरआरबी को नियुक्ति करने पर भी जोर देने को कहा है हालांकि इसके लिए उन्हें अपने प्रायोजक बैंक से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सूत्रों के अनुसार सरकार इसके अलावा मौजूदा आरआरबी के विलय के लक्ष्यों में बदलाव भी कर सकती है। इस तरह के भी संकेत बैठक में दिए गए हैं।