टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन पर 11,200 करोड़ रुपये के टैक्स मामले पर फैसला अब केंद्रीय मंत्रिमंडल लेगा। बुधवार को वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया कि वोडाफोन की तरफ से टैक्स देनदारी मामले पर पत्र मिला है। जिस पर हमने उन्हें कहा है कि आपके आग्रह पर कैबिनेट फैसला करेगी।
वोडाफोन पर 11,200 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी का मामला चल रहा है जो कि कंपनी द्वारा साल 2007 में हचिसन वामपोआ के भारतीय कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने के बाद देनदारी बनी है। कंपनी इस मामले में सरकार से बीच का रास्ता तलाशने की कोशिश कर रही है।
इस बीच, वोडाफोन ने डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर दी है। कंपनी ने विभाग द्वारा उसको मिले 900 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम को नीलामी करने पर यह याचिका दायर की है। कंपनी के अनुसार नियमों के अनुसार उसने स्पेक्ट्रम के नवीनीकरण का आवेदन विभाग के पास भेजा है। जो कि नवंबर 2014 में खत्म हो रहा है।
नियमों के अनुसार यदि लाइसेंस प्राप्त कंपनी 19 वें साल में लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए आवेदन करती है, तो सरकार लाइसेंस अवधि को एक बार 10 साल के लिए बढ़ा सकती है। जिस आधार पर वोडाफोन ने नवंबर 2012 में आवेदन किया हुआ है। कंपनी दिल्ली, मुंबई और कोलकाता सर्किल में लाइसेंस का नवीनीकरण कराना चाहती है।