सोना और चांदी के धराशाई होने के बाद अचानक खुदरा निवेशकों के सामने सबसे पहला सवाल यही आता है कि क्या सोना और चांदी खरीदने का सही वक्त आ गया है।
इस पर एंजल ब्रोकिंग के एसोसिएट डायरेक्टर (कमोडिटीज) नवीन माथुर का कहना है कि निवेश के लिए फिलहाल थोड़ा रुकने की जरूरत है। जब बाजार थम जाए तब खरीदारी करनी चाहिए।
माथुर की राय में सोना करीब 26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 44-45,000 रुपये किलो के आसपास रुकना चाहिए। एक सप्ताह के भीतर बाजार सेटल कर जाएगा। बाजार में करीब एक साल तक बहुत तेजी की गुंजाइश नहीं दिखती और यह कमोबेश इसी दायरे में घूमते रहेगा।
अगर कोई इन स्तरों पर लंबी अवधि यानी तीन से पांच साल के लिए निवेश करता है, तो आगे लाभ होना चाहिए। अगला सवाल आता है कि क्या सोना और चांदी का बुल फेज खत्म हो गया है और निवेशकों को मंदी के लिए तैयार रहना चाहिए। 1980 से लेकर 1999 तक सोने में मंदी का समय रहा यानी यह बेयर फेज में रहा।
इस बारे में अभी विश्लेषकों में आम राय नहीं है। आलोक अग्रवाल की राय में फिलहाल यह कहना कि बाजार बेयर फेज में आ गया है, जल्दबाजी होगी। दूसरा इस पर भी कोई आम राय नहीं है कि बेयर फेज की अवधि क्या होगी। रेलिगेयर रिटेल ब्रोकिंग की विशेषज्ञ सुगंधा सचदेव की राय में एमसीएक्स में 24,500 के आसपास खरीदारी की मांग निकल कर आएगी। खास तौर पर एशियाई बाजारों में ठोस सोने की खरीदारी में तेजी आएगी।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट (घटते क्रम में)
तारीख ---------- सोना ---------- चांदी
8 जनवरी, 2013 ---------- 31,870 ---------- 58,000
23 जनवरी, 2013 ---------- 31,185 ---------- 59,750
28 मार्च, 2013 ---------- 30,925 ---------- 54,300
1 अप्रैल, 2013 ---------- 30,200 ---------- 53,500
2 अप्रैल, 2013 ---------- 30,100 ---------- 53,200
10 अप्रैल, 2013 ---------- 29,975 ---------- 53,150
12 अप्रैल, 2013 ---------- 29,600 ---------- 52,600
15 अप्रैल, 2013 ---------- 27,600 ---------- 48,000
(कीमत - सोना-रुपये प्रति 10 ग्राम/चांदी-रुपये प्रति किलो)