फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर क्या करती हैं अरबपतियों की बीवियां

विज्ञापन
विज्ञापन
अरबपतियों की बीवियों की किस्मत से बहुतेरे रश्क खाते होंगे। दर्जनों नौकर, सुख सुविधाएं, गाड़ियां, बंगले, बैंक बैलेंस और बेशुमार दौलत। कैसी होती है इन धनी पत्नियों की जिंदगी। सुंदर सजी धजी परी सी दिखने वाली ये बीवियां दरअसल सारा दिन शॉपिंग नहीं करती।
विज्ञापन


यकीन मानिए ये बीवियां अपने कारोबारी पतियों से भी ज्यादा व्यस्त हैं। कॉरपोरेट कल्चर के जमाने में कारोबार से इतर भी एक दुनिया है जिसे ये बीवियां संभालती हैं। आइए जानते हैं आखिर क्या करती हैं अरबपतियों की ये पत्नियां...

मुकेश से ज्यादा बिजी हैं नीता अंबानी

नीता अंबानी आज की तारीख में अपने कारोबारी पति मुकेश अंबानी से ज्यादा व्यस्त शख्सियत बन चुकी हैं। रिलायंस इंडस्ट्री के अलावा नीता सब कुछ संभालती हैं। नीता ने खेल से लेकर रिटेल तक लगभग हर सेक्टर में रिलायंस की उपस्थिति दर्ज करा दी है। हाल ही में नीता रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल में भी शामिल हुई हैं।

नीता अंबानी आईपीएल की टीम मुंबई इंडियंस की कोऑनर हैं। आपने कुछ दिन पहले 'प्रो कबड्डी लीग' के मैच देखे होंगे। नीता फाइनल खेलने वाली टीम मुंबा की सह मालकिन भी हैं। इतना ही नहीं नीता ने आईएमजी, स्टार इंडिया और फुटबाल फैडरेशन के साथ मिलकर 'फुटबाल लीग' बनाई है। क्या पता आगे चलकर नीता दूसरे खेलों को भी इसी तरह प्रोत्साहित करें।

नीता अंबानी धीरूभाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल संस्थापक और चेयरमैन हैं। ये स्कूल मुंबई के बेहतरीन और चुनिंदा स्कूलों में शु‌मार हैं। इस स्कूल की खासियत ये है कि ये देश के उन 37 स्कूलों में शुमार है जो भारत में "इंटरनेशनल बेक्केलॉरेट प्रोग्राम" की ट्रेनिंग देते हैं।

नीता रिलायंस इंडस्ट्रीज और युएनएआईडीएस के एड्स इनिशीएटिव का भी हिस्सा हैं। इस प्रोग्राम के तहत दुनिया भर एड्स जैसी बीमारी के प्रति जागरुकता फैलाई जाती है। इस प्रोग्राम को समय समय पर विदेशी अरबपतियों से डोनेशन भी मिलता है।

नीता ओबेरॉय होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के एडिशनल डॉयरेक्टर्स में भी शामिल है। इसके अलावा वो "दृष्टि" नामक समाज सेवी संस्था से भी जुड़ी हैं। ये संस्था रिलायंस इंडस्ट्रीज और नेशनल एसोसिएशन ऑफ ब्लाइंड के सहयोग से चलती है।

800 करोड के म्यूजियम की मालकिन किरण नडार

आपको याद होगा ‌पिछले साल फोर्ब्स ने ‘48 धर्मार्थ हीरो’ की सूची में किरण नडार का नाम भी प्रमुखता से लिया गया था।

किरण HCL टेक्नॉलजी के चेयरमैन शिव नडार की पत्नी हैं। आर्ट, इंस्टीट्यूट और चैरिटी के क्षेत्र में किरण का पूरा दखल है। किरण 'शिव नडार फाउंडेशन' की ट्रस्टी हैं जिसके बैनर तले देश भर में कई स्कूल कॉलेज चलते हैं।

किरण तमिलनाडु में सुब्रमण्यम शिव नडार (SSN) इंजीनियरिंग कॉलेज की चेयरपर्सन हैं। 1996 में 80 छात्रों से शुरूआत करने वाले इस कॉलेज की आज तमिलनाडु में नंबर एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज के तौर पर पहचान है। इसके अलावा किरण उत्तर प्रदेश में विद्या ज्ञान अकेडमी की चेयरपर्सन हैं। 2009 में स्थापित की गई इस अकेडमी में 1300 विद्यार्थी हैं और दो बड़े कैंपस हैं।

इतना ही नहीं निजी स्कूलों के क्षेत्र में भी कदम रखते हुए किरण ने नोएडा और गुड़गांव में 'शिव नडार' स्कूल की स्थापना की है। ये स्कूल शिव नडार फाउंडेशन के तहत नॉन प्रॉफिटेबल संस्थान के रूप में चल रहे हैं।

किरण पब्लिक हैल्थ फाउंडेसन ऑफ इंडिया 'रसजा फाउंडेशन' की सदस्य भी रह चुकी हैं। उत्तर प्रदेश में मुसलिम छात्राओं को प्रोत्सा‌हन देने केलिए बने राजीव गांधी फाउंडेशन की सदस्य हैं।

किरण नडार की सबसे बड़ी उपलब्धि दिल्ली के साकेत में 800 करोड़  रुपए की लागत से बना "किरण नडार म्यूजिम ऑफ आर्ट' है। भारत के पहले निजी म्यूजियम के तौर पर विख्यात इस आर्ट गैलरी की भव्यता तस्दीक करती है कि किरण ने कितने चाव से इसे बनाया है। ये म्यूजियम 8000 स्क्वायर फीट में बना है और यहां जाने माने कलाकारों की कृतियां मौजूद हैं।

रोहिणी ने चैरिटी के लिए बेच डाले इन्फोसिस के शेयर

कॉरपोरेट-सोशियो कल्चर और गिविंग प्लेज के मामले में इन्फोसिस के सहमालिक नंदन नीलेकणी की पत्नी रोहिणी नीलेकणी भी पीछे नहीं हैं।

पिछले साल फोर्ब्स पत्रिका ने धर्माथ हीरो की लिस्ट में रोहिणी को भी शमिल किया था क्योंकि रोहिणी ने देश में शिक्षा, माइक्रोफाइनेंस, हैल्थ, सिक्योरिटी और इन्वायरमेंट सेक्टर के उत्थान के लिए चार करोड़ डॉलर से अधिक की राशि का दान किया है।

रोहिणी पिछले साल अगस्त में तब चर्चा में आ गई थी जब उन्होंने परोपकारी कार्य करने के लिए इंफोसिस में अपने कुछ शेयर 164 करोड़ रुपए बेचने की बात कही। रोहिणी इस पैसे से प्रशासनिक और कानूनी सेवा, पर्यावरण संरक्षण और न्यू मीडिया में काम करने वाले उत्साही युवाओं और संस्थाओं को मदद करना चाहती हैं।

इस साल के आरंभ में रोहिणी ने इसी अभियान के तहत 150 करोड़ रुपए इन संस्थाओं को दिए।

स्वच्छ पेयजल के लिए 'अर्घ्यम' नाम की संस्था हो या अक्षरा फाउंडेशन, रोहिणी ने कारपोरेट सेक्टर में एक एक्टिविस्ट के तौर पर पहचान बना ली है। रोहिणी 'प्रथम बुक्स' की चेयरपर्सन भी है जो गरीब बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा मुहैया कराता है।

रोहिणी 'पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया' के अभियान के तहत गुड़गांव, गांधीनगर और हैदराबाद में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पाठ्यक्रम को वित्तीय मदद भी करती हैं ताकि इस क्षेत्र में पेशेवरों की कमी पूरी की जा सके।

रोहिणी ने कारपोरेट सेक्टर में एक एक्टिविस्ट के तौर पर पहचान बना ली है। रोहिणी 'प्रथम बुक्स' की चेयरपर्सन भी है जो गरीब बच्चों के लिए प्रारंभिक शिक्षा मुहैया कराता है।

रोहिणी 'पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया' के अभियान के तहत गुड़गांव, गांधीनगर और हैदराबाद में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर पाठ्यक्रम को वित्तीय मदद भी करती हैं ताकि इस क्षेत्र में पेशेवरों की कमी पूरी की जा सके।

जेठानी से कम बिजी नहीं टीना अंबानी

जेठानी सोशल एक्टिविस्ट हो तो भला देवरानी कैसे पीछे रहे। नीता अंबानी की देवरानी और रिलायंस एंटरटेनमेंट के मालिक अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी भी लगभग एक दशक से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई हैं। किसी जमाने में खूबसूरत अदाकारा रही टीना इन दिनों कला और समाज से जुड़े कार्यक्रम में व्यस्त हैं।

टीना मुंबई में 'हॉरमनी' नामक पत्रिका निकालती हैं और 'हॉरमनी फाउंडेशन' के तहत वरिष्ठ नागरिकों के बेहतर जीवन के लिए कई संस्थान चलाती हैं

टीना अंबानी 'हॉरमनी आर्ट फाउंडेशन' की भी अध्यक्ष हैं। अंबानी रिलांयस कारपोरेट घराने की मदद से ये फाउंडेशन 1999 से देश के मूर्तिकारों और चित्रकारों को प्रोत्साहन देता है। मुंबई में हर साल होने वाले 'हॉरमनी आर्ट शो' में दूर दराज के कलाकारों को नाम और दाम दोनों मिलता है और पारंपरिक कला को नया जीवन।

हॉरमनी फाउंडेशन के तले टीना 2009 में मुंबई में कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर का संचालन कर रही है। हर साल अंगदान दिवस के मौके ये अस्पताल कई तरह के कार्यक्रम आयोजित करता है जिसका ध्येय जनता को अंगदान के प्रति प्रोत्साहित करना है।

मुंबई में ही नर्सिंग प्रशिक्षण के लिए कोकिलाबेन धीरुभाई अंबानी नर्सिंग कॉलेज की स्थापना की गई है जिसकी चेयरपर्सन टीना अंबानी हैं।

फिल्मों से पुराने लगाव के चलते मुंबई फिल्म समारोह के आयोजन में टीना अंबानी पूरा सहयोग करती हैं। दरअसल इस समारोह का आयोजन मुंबई एकेडमी ऑफ मूविंग इमेजेस' करती है और इसे रिलायंस एंटरटेनमेंट का वित्तीय सहयोग हासिल है।

बिल क्लिंटन की बेहद करीबी परमेश्वर गोदरेज

गोदरेज ग्रुप के मालिक आदि गोदरेज की पत्नी परमेश्वर गोदरेज बेहद स्टाइ‌लिश हैं और कला की शौकीन भी। लेकिन परमेश्वर के सामाजिक सरोकार उनके सोशलाइट जीवन से ज्यादा चर्चा में हैं।

कभी एयर इंडिया की एयर होस्टेस रही परमेश्वर भारत में एड्स जैसी बीमारी से लडने के लिए 'हीरोज प्रोजेक्ट' चलाती हैं। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन की मदद से परमेश्वर ने ये प्रोजेक्ट 2004 में शुरू किया था। इसमें हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेरे भी परेश्वर के साथ कदम से कदम मिलाते हैं।

पेज थ्री सोशलाइट होने के साथ साथ परेमश्वर एक सफल ब्रोकर हैं जो गोदरेज ग्रुप के शेयर मार्केट का कामकाज संभालती हैं। ये गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की नॉन एक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर भी हैं।

भारत में बिल गेट्स के गेट फाउंडेशन 'आवाह्न' और इंडियन होटल एंड हैल्थ रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की भी निदेशक रह चुकी हैं।
 
जयपुर में गोदरेज ग्रुप की वित्तीय मदद से चल रहे पैलेस स्कूल का संचालन भी परमेश्वर संभालती हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की बेहद करीबी मानी जाने वाली परमेश्वर अमेरिकन इंडियन फाउंडेशन में इंडियन एडवाइजरी बोर्ड की सदस्य रह चुकी हैं।

आपको याद होगा कि जब इंटरनेशनल टीवी शो प्रेजेंटर ओपरा विनफ्रे भारत आई थी तो परमेश्वर गोदरेज ने उनके सम्मान में मुंबई में एक भव्य पार्टी का आयोजन किया था। परमेश्वर वैडिंगसूत्र एडिटर्स ब्लॉग भी लिखती हैं जिसे जानी मानी हस्तियां फॉलो करती हैं।

बांबे डाइंग के विज्ञापन तय करती हैं मौरीन

वाडिया ग्रुप के चेयरमैन नुस्ली वाडिया की पत्नी मौरीन वाडिया बॉम्बे डाइंग ग्रुप के विज्ञापन का कामकाज देखती हैं। आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन बॉम्बे डाइंग के हर एक एड कैंपेन के पीछे मौरीन वाडिया का दिमाग चलता है।

कभी एयर इंडिया की होस्टेस रही मौरीन प्रतिष्ठित फैशन एंड स्टाइल मैगजीन 'ग्लेडरेज' की मालिक हैं। मौरीन ग्लेडरेज के बैनर तले हर साल 'ग्लेडरेज मॉडल ऑफ द इयर' और 'मिसेज इंडिया' ब्यूटी कॉन्टेस्ट आयोजित कराती हैं।

आईपीएल में पंजाब टीम की सहमालकिन मौरीन वाडिया अपने पारिवारिक बिजनेस ग्रुप के प्रमोशन का कामकाज भी देखती हैं और वाडिया ग्रुप के कई चैरिटी प्रोग्राम भी संभालती हैं।

मौरीन वाडिया की व्यस्तता का अंदाजा इस बाद से लगाया जा सकता है वाडिया ग्रुप के सभी अस्पतालों का कामकाज भी मौरीन ही देखती हैं।
विज्ञापन

इतनी जिम्मेदारी तो बनती है भई !

अपने पति के कंधे से कंधा मिलकर चलने वाली ये बीवियां दरअसल जानती है कि जिस देश ने उनके पति और बिजनेस को समृद्ध बनाया है उस देश और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी क्या है। इसलिए अधिकतर बिजनेस टाइकून की पत्नी 'गिविंग प्लेज' में विश्वास करती हैं।

लेकिन इस सोशल कॉज की एक वजह CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) भी है। कंपनी कानून के तहत संसद ने कुछ साल पहले एक नियम पारित किया था जिसके तहत 500 करोड़ रुपए से ज्यादा टर्नओवर वाली कंपनी को अपनी कमाई का दो फीसदी हिस्सा सामाजिक कार्यों में खर्च करना जरूरी है।

जाहिर तौर पर जिस देश ने इन उद्योगपतियों को इतना दिया, उसके बदले उस देश के सामाज और वंचितों के लिए काम करना तो लाजिमी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें