पूर्व वित्त मंत्री और वरिष्ट भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि केंद्रीय बजट दस्तावेज गोपनीय दस्तावेज नहीं बनाना चाहिए।
यहां एमसीआई द्वारा आयोजित एक आयोजन में सिन्हा ने कहा कि हम परिपक्व लोकतंत्र में रह रहे हैं और मेरी राय है कि बजट दस्तावेज गोपनीय नहीं रहना चाहिए। बजट को गोपनीय रखने की परंपरा वर्षों से जारी है।
सिन्हा ने कहा कि जब वे वित्त मंत्री थे तो उन्होंने शाम को बजट भाषण पढ़ने की परंपरा तोड़ी थी। अब बजट को गोपनीय रखने की परंपरा को भी तोड़ने की जरूरत है।
एक बार जब प्रत्यक्ष कर संहिता और वस्तु एवं सेवा कर लागू कर दिया जाएगा तो समूचा बजट भाषण अप्रासांगिक हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा तरीके के बजाए वित्त मंत्री को बजट में कुछ प्रस्ताव करने चाहिए। इसके बाद संसद में इस प्रस्ताव पर चर्चा कर बाद के सत्र में इसे अंतिम रूप दिया जाना चाहिए।