अगले तीन साल में 2.5 लाख ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड नेटवर्क पहुंचा कर केंद्र सरकार आईटी से जुड़े उद्योग धंधों की विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत 5 लाख ग्रामीण युवाओं को टेलीकॉम सेवाओं के लिए प्रशिक्षण से लेकर, 3 लाख आईटी सर्विस एजेंट बनाने की भी तैयारी है।
पांच साल में टेलीकॉम सेवाओं के लिए 5 लाख ग्रामीणों को प्रशिक्षण की योजनासंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार सरकार 2016-17 तक 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड पहुंचाकर आईटीसेवाओं का पूरा ईको सिस्टम तैयार करना चाहती है। इसके तहत बिजनेस टू कस्टमर , बिजनेस टू बिजनेस और गवर्नमेंट टू कस्टमर मॉडल विकसित होगा। अगले 5 साल में आईटी सेक्टर में छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में एक करोड़ विद्यार्थियों को आईटी के प्रशिक्षण देकर रोजगार के लिए तैयार करने की योजना है। साथ ही आटीसेवाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए अगले दो साल में 3 लाख सर्विस डिलेवरी एजेंट की जरूरत होगी।
नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी भारत संचार निगम लिमिटेड, रेल टेल लिमिटेड और पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन को मिली है। जिसमें से करीब 70 फीसदी काम बीएसएनएल करेगा। कंपनी के डायरेक्टर (कंज्यूमर मोबिलिटी) अनुपम श्रीवास्तव के अनुसार इस प्रोजेक्ट के जरिए बड़ी संख्या में ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होगे।
इसके तहत ऑप्टिकल फाइबर का इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचने के बाद उसका इस्तेमाल सरकार से लेकर निजी क्षेत्र की कंपनियां भी कर सकेंगी। श्रीवास्तव के अनुसार बीएसएनएल ने अजमेर के 36 पंचायत में पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में यह सेवा शुरू की थी। जिसका रिस्पांस बहुत अच्छा रहा है। जिसे देखते हुए इसके जरिए रोजगार के साथ-साथ खुद का कारोबार शुरू करने के बेहतर अवसर उत्पन्न होंगे।